चंडीगढ़। हरियाणा में जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सोमवार से पंचकूला और फरीदाबाद में प्री-टेस्ट शुरू होगा। इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी, क्योंकि 1931 के बाद पहली बार जातिगत आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसके साथ ही लोगों की डिजिटल साक्षरता और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
हरियाणा में जनगणना के दूसरे चरण की शुरुआत प्री-टेस्ट के साथ होने जा रही है। मकानों की गणना पूरी होने के बाद अब लोगों का डाटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए पंचकूला और फरीदाबाद को पायलट जिले के रूप में चुना गया है।
इस बार की जनगणना में कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें व्यक्ति की जाति, धर्म, मातृभाषा, शिक्षा, परिवार का विवरण, बच्चों की संख्या, सामाजिक वर्ग और डिजिटल साक्षरता जैसी अहम जानकारियां शामिल होंगी। लोगों से यह भी पूछा जाएगा कि वे कंप्यूटर चला सकते हैं या नहीं, ई-मेल लिखना जानते हैं या नहीं और स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं या नहीं।
प्री-टेस्ट से बनेगी अंतिम रणनीति
जनगणना विभाग के अनुसार, प्री-टेस्ट का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एक व्यक्ति की पूरी जानकारी दर्ज करने में कितना समय लगता है। इसके आधार पर वास्तविक जनगणना के दौरान कर्मचारियों की संख्या और उनकी तैनाती तय की जाएगी। इसके लिए 42 प्रशिक्षित शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिन्हें 10-10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
बेघर लोगों की भी होगी गणना
इस बार स्थायी मकान नहीं होने वाले लोगों को भी जनगणना में शामिल किया जाएगा। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, फुटपाथ, पाइप और सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले लोगों की भी विशेष अभियान चलाकर गणना की जाएगी। अंतिम दिन इसके लिए अलग-अलग टीमें तैनात रहेंगी।
सहयोग नहीं मिलने पर जनप्रतिनिधियों की मदद
राज्य के प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. ललित जैन ने बताया कि यदि किसी क्षेत्र में लोग जानकारी देने से बचते हैं तो स्थानीय पार्षदों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में सही जानकारी देना प्रत्येक नागरिक की कानूनी जिम्मेदारी है। गलत जानकारी देना या जानकारी देने से इनकार करना कानून के तहत दंडनीय है।
हरियाणा के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, मेघालय, सिक्किम, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में भी दूसरे चरण का प्री-टेस्ट कराया जाएगा। प्री-टेस्ट के अनुभव के आधार पर अगले वर्ष प्रस्तावित मुख्य जनगणना अभियान की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

