भुवनेश्वर: उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और प्रेरित करने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग (DHE) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य में लागू ‘शक्तिश्री’ (Shaktishree) पहल के तहत जिला स्तरीय नोडल कॉलेजों को अपने-अपने जिलों से प्रतिष्ठित महिला पेशेवरों को ‘शक्ति अपा’ (Shakti Apa) के रूप में नामांकित करने का निर्देश दिया गया है।

उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त-सह-सचिव अरविंद अग्रवाल द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार प्रत्येक जिले से 5 प्रतिष्ठित और सफल महिला पेशेवरों को ‘शक्ति अपा’ के रूप में चुना जाएगा। ये महिलाएं कॉलेज की छात्राओं के लिए रोल मॉडल, मार्गदर्शक और रिसोर्स पर्सन के रूप में कार्य करेंगी। चयनित ‘शक्ति अपा’ समय-समय पर कॉलेजों का दौरा करेंगी और छात्राओं के साथ सीधे बातचीत करेंगी। वे छात्राओं को सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, करियर विकास और समग्र कल्याण से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक सलाह और मार्गदर्शन प्रदान करेंगी।

यह पहल राज्य के अधिकांश जिलों में लागू की जा रही है। अनुगुल (Anugola), बालेश्वर (Baleshwar), बरगढ़ (Baragada), देवगढ़ (Debagada), कालाहांडी (Kalahandi), खोर्धा (Khordha), क्योंझर (Kendujhar) और रायगड़ा (Rayagada) जिलों को छोड़कर यह निर्देश शेष सभी जिलों के लिए प्रभावी है।

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ही सफल महिलाओं की कहानियों को छात्राओं के सामने लाना है। जब छात्राएं अपने ही क्षेत्र की सफल महिलाओं को सामने देखेंगी, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। शिक्षा के साथ सही मार्गदर्शन का यह संगम राज्य की युवा महिलाओं के भविष्य को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।