भारत सरकार के गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों, डिलीगेशन को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर, डिलीगेशन के मेंबर्स और शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ जैसे खिलाड़ी जब भी भारत दौरे पर आते थे वे ड्रग्स की खेप लेकर आते थे. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान की टीम भारत में आते वक्त ड्रग्स ट्रैफिकिंग करती थी. इस मामले में उन्होंने ISI का हाथ बताया है.

आतंकवाद की फंडिंग का 30 फीसदी ड्रग्स ट्रैफिकिंग से

आरवीएस मणि केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारी रहे हैं. 2006-2010 के दौरान वे गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत थे. वे अब सेवानिवृत हो चुके हैं.आरवीएस मणि ने अगस्त 2013 में स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ले ली थी. उस समय वे शहरी विकास मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी के पद पर थे. उनका काम जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और आतंकवाद से जुड़े संवेदनशील मुद्दों से संबंधित था. एएनआई के एक पॉडकास्ट में उन्होंने ये सनसनीखेज खुलासे किए हैं. भारत में आतंकवाद फैलाने में ड्रग्स ट्रैफिकिंग का रोल उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद की फंडिंग का 30 फीसदी ड्रग्स ट्रैफिकिंग से आता है.

ड्रग्स ट्रैफिकिंग करते थे शोएब अख्तर और आसिफ

उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भारत आने वाले सभी पाकिस्तानी डेलिगेशन भारत ड्रग्स लेकर आते थे. उन्होंने कहा, “देखिए इस केस की रिपोर्ट हुई है कि शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ जो क्रिकेटर हैं उन्होंने पाकिस्तानी हाई कमिश्नर के सामने खुद स्वीकार किया कि वे ड्रग्स लेकर आए हैं, इसके बाद उन्हें वापस भेज दिया गया.”

उन्होंने आगे कहा कि, “जब कभी पाकिस्तान की डेलिगेशन, टीम या कोई और भारत आता था वे ड्रग्स ट्रैफिंकिंग करते थे. ये पर्सनल कंजश्मन के लिए नहीं था. ये 16 अक्तूबर को हुआ था. फिर लगभग 6 महीने के बाद मार्च में पाकिस्तान टीम के इंग्लिश कोच बॉब वूल्मर जो पाकिस्तानियों द्वारा ड्रग्स टैफिकिंग का विरोध कर रहे थे उन्हें संदिग्ध परिस्थितियों में मार दिया गया.”

अपने होटल के कमरे में बेहोश मिले थे

बता दें कि बॉब वूल्मर की मौत 18 मार्च 2007 को हुई थी. वे उस समय पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच थे. 2007 क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान जमैका (किंगस्टन) में पाकिस्तान के आयरलैंड से हारने के एक दिन बाद उनके होटल रूम में बेहोश अवस्था में पाया गया. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वे बच नहीं सके.

गृह मंत्रालय से सेवानिवृत अधिकारी आरवीएस मणि ने कहा कि सभी बिन्दुओं को जोड़ना पड़ेगा. पाकिस्तान का डेलिगेशन भारत में ड्रग्स लाया करता था और उस समय के DIA के अनुसार भारत में होने वाले 30 फीसदी आतंकी हमलों की फंडिंग ड्रग्स ट्रैफिंकिंग से होती थी. भारत में ड्रग्स भेजना पाकिस्तानी की सरकारी नीति है.

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