अतीश दीपंकर/भागलपुर। श्रावणी मेला के दौरान लाखों की संख्या में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। भागलपुर की जिला पदाधिकारी (डीएम) अलंकृता पांडे ने कांवड़ यात्रा मार्ग और पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशासन ने श्रावणी मेला की अवधि के दौरान भारी वाहनों और डबल-डेकर बसों के परिचालन पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
सुरक्षा को प्राथमिकता: बड़े वाहनों पर लगा ब्रेक
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से श्रद्धालुओं के लिए खतरा बढ़ सकता है। कांवड़ियों के निर्बाध और सुरक्षित पैदल आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए सड़क मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। भारी और डबल-डेकर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और जाम की स्थिति से बचाव करना है।
वैकल्पिक मार्गों का होगा उपयोग
डीएम ने परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि जो वाहन प्रतिबंधित किए गए हैं, उनके लिए वैकल्पिक मार्ग चिन्हित किए जाएं। ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो और मालवाहक व अन्य बड़े वाहनों का परिचालन वैकल्पिक मार्गों से सुचारू रूप से चलता रहे। जिला प्रशासन ने इन प्रतिबंधित मार्गों पर निगरानी बढ़ाने के लिए विशेष पुलिस बल की तैनाती का भी खाका तैयार कर लिया है।
प्रशासन का नागरिकों से सहयोग का आग्रह
जिला पदाधिकारी सुश्री अलंकृता पांडे ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे यातायात व्यवस्था का लगातार अनुश्रवण करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने जिले के आम नागरिकों, वाहन चालकों और परिवहन संचालकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी इन यातायात निर्देशों का अक्षरशः पालन करें। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं की सुरक्षा ही हमारा सर्वोच्च लक्ष्य है। श्रावणी मेला-2026 को सुरक्षित शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में आम जनता का सहयोग अनिवार्य है। प्रशासन को उम्मीद है कि इन कड़े नियमों के लागू होने से कांवड़ यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और मेला क्षेत्र में एक सुरक्षित वातावरण बना रहेगा।

