सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से सरकारी राशन की कालाबाजीर का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के मिटीहनी गांव में गरीबों के हक के अनाज पर डाका डालने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर शासकीय उचित मूल्य दुकान का विक्रेता रात के घने अंधेरे में एक स्कॉर्पियों में राशन की बोरियां लोड करता हुआ रंगे हाथों कैद हुआ है। इस खुलासे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर हैं और उन्होंने सीधे तौर पर राशन की कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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रात के अंधेरे में ‘लग्जरी गाड़ी’ से राशन पार करने का खेल!
यह पूरा मामला मिटीहनी गांव की उचित मूल्य दुकान का बताया जा रहा है, जहां ग्रामीणों की सतर्कता से इस पूरे खेल का भंडाफोड़ हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि विक्रेता गरीबों के लिए आने वाले सरकारी राशन को दुकान के नियमित समय पर बांटने के बजाय, रात के वक्त ठिकाने लगा रहा था।
रात के समय जब सरकारी दुकान के बाहर एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो आकर रुकी और उसमें अनाज की बोरियां भरी जाने लगीं तो ग्रामीणों को शक हुआ। जब लोगों ने मौके पर पहुंचकर इसका कड़ा विरोध किया तो उन्होंने इस पूरी करतूत का वीडियो अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।
खाद्य विभाग की साठगांठ? कुंभकर्णी नींद में सो रहे जिम्मेदार
वीडियो के सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद से स्थानीय खाद्य विभाग और नागरिक आपूर्ति निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि बिना वरिष्ठ अधिकारियों और खाद्य निरीक्षकों की शह या लापरवाही के, कोई भी सेल्समैन इतनी हिम्मत नहीं कर सकता कि वह खुलेआम वीआईपी गाड़ियों में गरीबों का अनाज लोड करवा सके।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग के आला अफसरों से इस पूरे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) घोटाले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों को जेल का रास्ता दिखाया जा सके।
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हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। इस पूरे मामले में जिला प्रशासन या खाद्य विभाग की ओर से अब तक कोई भी औपचारिक बयान नहीं आया है।
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