अयोध्या। समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे ने कोतवाली नगर थाने में तहरीर देकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक और झूठा प्रचार करने वालों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोगों को राजनीतिक नुकसान होता देख सांसद निशिकांत दुबे, जगद्गुरु परमहंस आचार्य, प्रियंका राय, अखिलेश सिंह सहित अन्य अज्ञात लोगों ने साजिश के तहत एक कथित मनगढ़ंत वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल किया। इसमें दावा किया गया कि अखिलेश यादव ने मंदिर घोटाले के आरोपी टिन्नू यादव से 980 बार बातचीत की थी। पवन पांडे ने इसे पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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पूर्व मंत्री ने अपनी तहरीर में कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी सामग्री प्रसारित कर जनता को गुमराह करने और विपक्ष की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने पुलिस से मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की।
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इसके साथ ही पवन पांडे ने राम मंदिर ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे और ट्रस्ट के कामकाज की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग करते हुए ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और गोविंद देव गिरी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की भी मांग की और कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी।

