बच्चों को पढ़ाने रोज जान जोखिम में डाल नदी पार करते हैं शिक्षक: न लाइफ जैकेट, न पुल… तेज बहाव के बीच खुद नाव चलाकर पहुंचते हैं स्कूल, फिर 1 से 6 किमी पैदल सफर