‘कहिए तो अभी कुर्सी छोड़ दूं…’ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कैलाश का ‘विस्फोट’, लेकिन डैमेज कंट्रोल में खुल गई सरकार की पोल ! पहले रोका… फिर मजबूरी में हटाया ?

पॉवर गॉसिप: चार करोड़ का ‘शाही सफरनामा’… बिस्तर कहीं और बिल कहीं और… दतिया की “जलेबी”… टेढ़ी है पर मीठी है… ‘गुप्त’ नियुक्ति… सियासत में ‘फूफा’ की एंट्री…