राजस्व मुकदमों के निस्तारण में लापरवाही और सुस्ती बरतने के मामले में उत्तर प्रदेश शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खलीलाबाद तहसीलदार आनंद कुमार ओझा समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही अमेठी जिले में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने छह तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है.
संतकबीरनगर. उत्तर प्रदेश में राजस्व मुकदमों के निस्तारण में सुस्ती और शिथिलता बरतने पर शासन ने कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने ऑनलाइन समीक्षा बैठक के उपरांत संतकबीरनगर जिले की खलीलाबाद तहसील के तहसीलदार आनंद कुमार ओझा सहित पांच अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है.
मंडलायुक्त कार्यालय से किया संबद्ध
एडीएम (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह के अनुसार यह निलंबन सीधे शासन स्तर से किया गया है. मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में प्रदेश की सभी राजस्व अदालतों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 34 के तहत विचाराधीन मामलों की विस्तृत जांच की गई थी. निलंबन के बाद खलीलाबाद तहसीलदार को बस्ती मंडलायुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि प्रयागराज, बलिया, गोंडा और लखनऊ में तैनात अधिकारियों के विरुद्ध भी दंडात्मक कदम उठाए गए हैं.
अमेठी में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल
दूसरी तरफ, राजस्व कामकाज को सुचारू बनाने के लिए अमेठी जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. जिलाधिकारी संजय चौहान ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर छह तहसीलदारों एवं तहसीलदार न्यायिक के कार्यक्षेत्रों में फेरबदल कर दिया. इस नए पुनर्गठन से अमेठी, गौरीगंज और मुसाफिरखाना तहसीलों में पदस्थ राजस्व अफसरों को नए दायित्व सौंपे गए हैं.



