बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च, सोशल मीडिया वीडियो और बीजेपी दफ्तर के बाहर लगाए गए नारों को लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तेजस्वी यादव की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं।

​संजय झा: नॉन इश्यू को मुद्दा बना रहे हैं तेजस्वी

​जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को आड़े हाथों लिया।

  • ​राजनीति में ठोस मुद्दों की कमी: संजय झा ने कहा कि तेजस्वी यादव गैर-जरूरी और पहले ही सुलझ चुके मामलों को तूल देकर अपनी राजनीतिक जमीन चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष को सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाने चाहिए।
  • ​पार्टी संभालने की सलाह: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी को पहले अपनी पार्टी संभालनी चाहिए, क्योंकि उनकी पार्टी के नेताओं को भी भविष्य को लेकर स्थिति ठीक नहीं लग रही है।
  • ​सोशल मीडिया स्टंट पर तंज: तेजस्वी के वायरल वीडियो पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पानी में कूदने और सोशल मीडिया पर लाइक्स व शेयर्स गिनने से राजनीति नहीं चलती, इसके लिए ठोस और गंभीर बात होनी चाहिए।
  • ​वंदे मातरम और फरक्का संधि: वंदे मातरम के कानून का पालन करने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान को मानते हैं, उन्हें कानूनों का सम्मान करना चाहिए। वहीं, 30 साल पुरानी फरक्का संधि को लेकर कहा कि इससे बिहार को बाढ़ और सूखे दोनों रूपों में नुकसान हुआ है।

​गिरिराज सिंह का पलटवार: चारा चोर का बेटा

​बुधवार को लोकभवन मार्च के दौरान जब तेजस्वी यादव का काफिला बीजेपी कार्यालय के पास से गुजरा, तो वहां चंदा चोर, पेपर चोर जैसे नारे लगाए गए। तेजस्वी ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर शेयर करते हुए बीजेपी पर दंगा-फसाद और अनैतिक कार्यों का अड्डा बनने का गंभीर आरोप लगाया।
​इस पोस्ट के जवाब में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया पर तीखा पलटवार करते हुए लिखा, ये चारा चोर का बेटा बोल रहा है। इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।