सोहराब आलम, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान एक महिला समेत 3 शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो लग्जरी कार के जरिए शराब की खेप लेकर उत्तर प्रदेश से मुजफ्फरपुर जा रहे थे।
महिला ने पुलिस को धमकाने का किया प्रयास
मिली जानकारी के अनुसार, एक्साइज इंस्पेक्टर शिवेंद्र कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कार में अवैध शराब की बड़ी खेप लाई जा रही है, जिसके बाद उन्होंने सूचना का सत्यापन करने के बाद कोटवा इलाके में वाहन जांच अभियान शुरू कराया। इस दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध लग्जरी कार को रोककर तलाशी ली। शुरुआत में कार में मौजूद महिला ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए खुद को परेशान किए जाने का आरोप लगाया और टीम को धमकाने की कोशिश की।
भाड़े पर रखा था फर्जी पति
हालांकि, जब पुलिस ने थोड़ी सख्ती दिखाई और तलाशी ली तो कार में सीट के नीचे बनाए गए तहखाने से शराब की बोतलें बरामद हुईं, जिन्हें फ्रूटी की बोतलों में छिपाकर रखा गया था। इसके बाद पुलिस ने महिला समेत तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में महिला ने बताया कि, इस तस्करी में शामिल सभी लोग अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं। उसने बताया कि गाड़ी चला रहा व्यक्ति उसका पति नहीं, बल्कि तस्करी के लिए बनाया गया ‘फर्जी पति’ है, जिसे प्रति खेप 2000 रुपये मिलते हैं। उसे इस काम के लिए 1500 रुपये और साथ में मौजूद एक बच्चे को 500 रुपये दिए जाते थे।
महिला ने यह भी बताया कि वे लोग उत्तर प्रदेश से शराब लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचाने वाले थे, लेकिन रास्ते में ही पकड़े गए। फिलहाल, उत्पाद विभाग की टीम गिरफ्तार तस्करों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।
बड़े तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के पीछे बड़े शराब तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है, जिसकी जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बावजूद जारी तस्करी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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