हेमंत शर्मा, इंदौर। मेट्रो के विस्तारित कॉरिडोर के शुभारंभ कार्यक्रम में उस वक्त माहौल कुछ हल्का-फुल्का हो गया, जब केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर एक विधायक के नाम को लेकर ही कंफ्यूज हो गए। मंच से संबोधन के दौरान खट्टर ने विधायक मधु वर्मा को संबोधित करने से पहले सवाल कर दिया-“इन्हें श्री लगाऊं या श्रीमती?” केंद्रीय मंत्री का यह सवाल सुनते ही विधायक मधु वर्मा अपनी कुर्सी से खड़ी हो गईं और नेताजी को प्रणाम करते हुए अपना परिचय दिया। इसके बाद खट्टर ने मुस्कुराते हुए कहा-“इतना सब कंफ्यूजन है, इसलिए पूछ लिया मैंने।” इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने बिना देर किए अपने भाषण को आगे बढ़ाया और इंदौर मेट्रो के विस्तार से लेकर देश में तेजी से बढ़ते मेट्रो नेटवर्क तक की चर्चा शुरू कर दी।

मंच पर नाम आया और खट्टर ने रोक दिया भाषण!

मेट्रो कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर एक-एक करके मंच पर मौजूद नेताओं और जनप्रतिनिधियों का अभिवादन कर रहे थे। इसी दौरान विधायक मधु वर्मा का नाम आया।लेकिन नाम के साथ संबोधन को लेकर केंद्रीय मंत्री कुछ पल के लिए ठिठके और पूछ बैठे – “इन्हें श्री लगाऊं या श्रीमती?”

सवाल मंच से निकला तो सभी का ध्यान उनकी ओर चला गया। इसी बीच मधु वर्मा अपनी कुर्सी से खड़ी हुईं, केंद्रीय मंत्री का अभिवादन किया और स्थिति स्पष्ट कर दी। खट्टर ने भी पूरे मामले को हल्के अंदाज में लेते हुए कहा-“इतना सब कंफ्यूजन है, इसीलिए पूछ लिया मैंने।” मंच पर मौजूद लोगों के बीच इस दौरान जमकर हंस पड़े  इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन को आगे बढ़ाया।

‘म्यूजियम में रखी ट्रेन’ वाला तंज भी चर्चा में

मनोहर लाल खट्टर ने इंदौर मेट्रो के शुरुआती संचालन पर भी अपने अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले जो छोटा हिस्सा शुरू हुआ था, उसमें दिन में केवल कुछ चक्कर लगते थे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि शुरुआती स्थिति को ऐसा माना जा सकता है जैसे म्यूजियम में ट्रेन रखी हो, क्योंकि उस समय संचालन बहुत सीमित था। हालांकि खट्टर ने साफ किया कि अब नए कॉरिडोर के विस्तार के साथ मेट्रो वास्तव में शहर से जुड़ रही है और यात्रियों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा।

अब मेट्रो का असली फायदा शहर को मिलेगा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले मेट्रो का जो हिस्सा शुरू हुआ था, वह मुख्य रूप से आउटर क्षेत्र में था। अब करीब 11 किलोमीटर के एक्सटेंशन के साथ मेट्रो शहर के भीतर पहुंच रही है।उन्होंने कहा कि नए कॉरिडोर के साथ मेट्रो शहर और बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ रही है। इससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और इंदौर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

मेट्रो सिर्फ ट्रेन नहीं, ‘ईज ऑफ लिविंग’ का जरिया

खट्टर ने अपने भाषण में मेट्रो को सिर्फ यातायात का साधन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मेट्रो से विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम लोगों को सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का विकल्प मिलता है।सड़क पर ट्रैफिक में फंसने, यात्रा में कितना समय लगेगा इसका अनुमान नहीं होने और भीड़भाड़ की परेशानी के मुकाबले मेट्रो में यात्रा का समय काफी हद तक निर्धारित किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि मेट्रो शहरों में ‘ईज ऑफ लिविंग’ बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा मेट्रो नेटवर्क

केंद्रीय मंत्री ने देश में मेट्रो के विस्तार के आंकड़ों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 के आसपास देश के कुछ ही शहरों में सीमित लंबाई का मेट्रो नेटवर्क संचालित था, लेकिन अब देश के कई शहर मेट्रो नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।खट्टर ने कहा कि भारत तेजी से मेट्रो नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में देश दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क वाले देशों में शामिल होगा।उन्होंने मेट्रो को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से भी जोड़ते हुए कहा कि शहरीकरण और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित भारत की दिशा में बेहद जरूरी हैं।

इंदौर के लिए आज का दिन अहम

इंदौर में मेट्रो के विस्तारित कॉरिडोर के शुभारंभ के साथ शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मेट्रो के मंच से केंद्रीय मंत्री का विधायक के नाम पर हुआ छोटा-सा कंफ्यूजन तो कुछ पल के लिए चर्चा में आ गया, लेकिन इसी के साथ खट्टर ने इंदौर को यह संदेश भी दिया कि अब शहर में मेट्रो का सफर सिर्फ शुरुआत नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क की ओर बढ़ता कदम है।

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