अनुगुल : ओडिशा के अनुगुल जिले के गुरुंग गांव के लोगों ने हाथी के बच्चे के जन्म का जश्न धूमधाम से मनाकर एक मिसाल कायम किए है। यह अनोखा जश्न ग्रामीणों और क्षेत्र के वन्यजीवों, खास तौर पर हाथियों के बीच मजबूत बंधन को दर्शाता है। अनुगुल जिले के गुरुंग गांव के लोग करीब चार दशकों से गांव से सटे जंगल की रक्षा कर रहे हैं।
इस सामूहिक प्रयास ने जंगल को एक समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र में बदल दिया है, जिससे इस जंगल में विविध वन्यजीवों का निवास स्थान निर्भय होकर रह गया है। यहां के जंगली जानवरों में हिरण, हाथी और अन्य प्रजातियां शामिल हैं। संरक्षण के प्रति ग्रामीणों के समर्पण ने इन जानवरों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल बनाया है। गुरुंग के ग्रामीण पास के जंगल में हाथी के बच्चे के जन्म की खबर सुनकर बहुत खुश हुए।

उन्होंने इस अवसर को एक भव्य उत्सव के साथ मनाने का फैसला किया, जिसमें इन राजसी जीवों के प्रति अपना स्नेह और प्रशंसा प्रदर्शित की गई। गांव में पारंपरिक भोज, त्रिनाथ मेला और यज्ञ सहित उत्सवों की धूम रही। गांव के लोग दावत में भोजन करने के लिए एकत्र हुए और नवजात हाथी के लंबे जीवन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
हाथी के बच्चे के जन्म का उनका उत्सव मनुष्यों और वन्यजीवों के बीच सामंजस्य की क्षमता का एक शक्तिशाली उदाहरण है।
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