लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है. प्रयागराज में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर तेज बारिश जारी है, जबकि बुधवार सुबह भी कई इलाकों में रिमझिम बारिश होती रही. लखनऊ में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई. वहीं वाराणसी, कानपुर समेत 40 से ज्यादा शहरों में बादल छाए हुए हैं.

मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को प्रदेश के 68 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. भारी बारिश की संभावना को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया है. जौनपुर, गाजीपुर, सोनभद्र और मिर्जापुर में कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, जबकि प्रयागराज और कौशांबी में 12वीं तक के स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं.

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प्रयागराज में बारिश ने मचाई तबाही, घरों में घुसा पानी

प्रयागराज में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का घरेलू सामान, सोफा और बेड तक डूब गए. रामबाग रेलवे स्टेशन के तीनों ट्रैक पानी में डूब गए. वहीं मड़ोका गांव में बारिश के कारण एक तीन मंजिला मकान भी ढह गया. जलभराव के कारण कई जज और अधिवक्ता हाईकोर्ट समय से नहीं पहुंच सके. मामले का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने प्रयागराज के डीएम मनीष वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा को तलब किया है.

वाराणसी में गंगा उफान पर, घाट और मंदिर जलमग्न

प्रदेश की प्रमुख नदियों में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं. वाराणसी में गंगा नदी खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है. घाट किनारे बने 100 से ज्यादा मंदिरों में गंगा का पानी प्रवेश कर गया है. मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थलों तक पानी पहुंचने के कारण अंतिम संस्कार ऊपरी सीढ़ियों पर कराया जा रहा है. नमो घाट भी जलमग्न हो गया है, जबकि दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती अब छत पर कराई जा रही है. काशी का प्रसिद्ध रत्नेश्वर महादेव मंदिर करीब 70 प्रतिशत तक पानी में डूब गया है. प्रशासन ने घाटों पर बैरिकेडिंग कर लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है.

कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, सड़कें बनीं तालाब

प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी तटीय इलाकों में पहुंचने लगा है. दारागंज में बक्शी बांध के पास खड़ी एक कार गंगा के पानी में डूब गई. कानपुर और उन्नाव के गंगा किनारे बसे इलाकों में भी जलभराव की स्थिति है. प्रतापगढ़ में भारी बारिश के कारण कोतवाली और मंदिरों में पानी भर गया. कई जगह घुटनों तक पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. भदोही में सड़कों पर करीब एक फीट तक पानी भर गया. स्कूलों में जलभराव के कारण बच्चों की छुट्टी कर दी गई है.

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23 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक, हवा में कम दबाव का क्षेत्र बनने, मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने और बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण मानसून सक्रिय हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार 19 से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं. बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव वाले सिस्टम के प्रभाव से कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है. 20 और 21 अगस्त को विशेष रूप से तेज बारिश के आसार जताए गए हैं. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है.