मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. योगी सरकार में रामनगरी अयोध्या को सुंदरतम और सुविधायुक्त बनाने का अभियान लगातार जारी है. प्राचीन मंदिरों और घाटों के साथ-साथ शहर की ऐतिहासिक और उपेक्षित इमारतों को भी नया जीवन दिया जा रहा है. इसी कड़ी में शहर के सिविल लाइन स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने राजकीय पुस्तकालय के कायाकल्प की शुरुआत हो गई है. नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर गैलरी निर्माण और उच्चीकरण कार्य का भूमि पूजन किया. इस दौरान विकास प्राधिकरण के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.
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9 माह के भीतर काम होगा पूरा
अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे इस महत्वपूर्ण कार्य की कुल लागत 3.23 करोड़ रुपये है. इस परियोजना का वित्त पोषण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा किया जा रहा है, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी अनुभवी एजेंसी मेसर्स प्रिज्म कंस्ट्रक्शन को दी गई है. विभाग ने 9 माह के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस योजना के तहत पुस्तकालय में एक अत्याधुनिक गैलरी, वातानुकूलित रीडिंग हॉल, डिजिटल लाइब्रेरी कॉर्नर और दुर्लभ पुस्तकों के संरक्षण के लिए विशेष कक्ष का निर्माण किया जाएगा.
60 हजार किताबों का खजाना
भूमि पूजन के बाद नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा, “यह पुस्तकालय अयोध्या की धरोहर है. मैं पुस्तकालय इंचार्ज से जानकारी ले रहा था, यहां करीब 60,000 किताबें हैं. इनमें कई ऐसी दुर्लभ और ऐतिहासिक किताबें हैं, जो अब बाजार में कहीं नहीं मिलेंगी. उन्होंने कहा कि शासन ने इसके जीर्णोद्धार के लिए लगभग 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं.
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उपेक्षित धरोहरों को सहेज रही है योगी सरकार
विधायक ने कहा, यह योगी जी की सरकार है जो जमाने से उपेक्षित पड़ी चीजों को उनकी महत्ता के अनुसार सहेज रही है. यह काम पहली बार हो रहा है. यह पुस्तकालय अयोध्या के छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. मैं इसके लिए विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और पूरी टीम को बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि नया पुस्तकालय बनने के बाद यहां पढ़ने आने वाले बेटे-बेटियों को एक सुंदर, शांत और सुविधाजनक माहौल मिलेगा, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा.


