अशोक कुमार जायसवाल, डीडीयू नगर. मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में समाजवादी पार्टी महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल और गांव के पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव के बीच हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को लिखित तहरीर दी है. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
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गार्गी सिंह पटेल का आरोप है कि बुधवार शाम पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव उनके घर के मुख्य गेट पर पहुंचे. दरवाजा खुलते ही उन्होंने अभद्र व्यवहार किया और उनका गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया. उनका कहना है कि पिछले दो महीनों में यह दूसरी घटना है. इससे पहले 28 मई को भी उनके घर में घुसकर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगाया गया था. उन्होंने कहा कि कई बार लिखित शिकायत देने और डायल-112 पर सूचना देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें सुरक्षा भी उपलब्ध नहीं कराई गई.
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दूसरी ओर पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि घटना के दौरान उन पर पीछे से हमला किया गया था, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया. उन्होंने भी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है.
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इस पूरे मामले में मुगलसराय कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से लिखित प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है. पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.


