देवरिया. डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का लाख दावा करते हैं, लेकिन उन दावों का शायद हकीकत से कोई लेना देना है. अगर लेना देना होता तो महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में 6 साल की बच्ची के टूटे हुए हाथ में प्लास्टर बांधने की बजाय सही सलामत दूसरे हाथ में प्लास्टर नहीं बांधा जाता. इस मामले से साफ है कि इलाज के नाम पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है. बस कागजोंं में ही बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं.
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बता दें कि पूरा मामला महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज का है. जहां एक महिला अपनी 6 साल की बच्ची के हाथ में दर्द होने के कारण इलाज के लिए पहुंची थी. महिला ने चिकित्सकों को बच्ची का हाथ दिखाया. इस दौरान चिकित्सक ने एक्स-रे कराने की सलाह दी. जांच में पता चला कि बच्ची का हाथ फ्रैक्चर है. जिसके बाद डॉक्टरों ने प्लास्टर कराने के लिए भेजा.
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वहीं प्लास्टर करने वाले स्टाफ ने लापरवाही की सारी हदें पार करते हुए बच्ची के टूटे हाथ को छोड़कर दूसरे हाथ में प्लास्टर चढ़ा दिया. वहीं जब परिजनों का ध्यान गया तो परिजन फिर से लेकर बच्ची को मेडिकल कॉलेज पहुंचे और मेडिकल कॉलेज के स्टाफ की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की. बच्ची की मां ने मामले की शिकायत सीएमएस से की है. जिसके बाद सीएमएस ने टूटे हुए हाथ में प्लास्टर बांधने के निर्देश दिए.

