सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत प्रदेश के श्रमिकों और युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं. अब तक उत्तर प्रदेश के 6004 निर्माण श्रमिकों को इजरायल में रोजगार मिल चुका है, जबकि 1581 और श्रमिकों को प्रशिक्षण के बाद इजरायल भेजने की प्रक्रिया जारी है. इनमें 1336 निर्माण श्रमिक और 245 रेनोवेशन सेक्टर के श्रमिक शामिल हैं.
बुधवार को प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को देश-विदेश में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है. मिशन के तहत विभिन्न देशों में रोजगार की मांग का सर्वेक्षण, कौशल विकास, भाषा प्रशिक्षण और प्रस्थान-पूर्व उन्मुखीकरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं.
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उन्होंने कहा कि इजरायल में रोजगार उपलब्ध कराना विभाग की एक बड़ी उपलब्धि है. प्रदेश के श्रमिकों को बेहतर वेतन और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 1336 निर्माण श्रमिकों और 245 रेनोवेशन सेक्टर के श्रमिकों को भी जल्द इजरायल भेजा जाएगा.
प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम् ने बताया कि रोजगार मिशन के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को देश और विदेश में रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसके साथ ही प्रदेश में ही प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सेवायोजन विभाग और अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन के बीच एमओयू भी किया गया है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा.
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उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक सेवायोजन विभाग ने रोजगार मेलों के माध्यम से 17 लाख से अधिक युवाओं का निजी क्षेत्र में चयन कराया है. वहीं 34 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को करियर काउंसिलिंग कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार और कौशल विकास संबंधी मार्गदर्शन दिया गया है.


