लखनऊ. सीएम योगी पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने कहा कि आज के भाषण में बयान कम, धमकी अधिक क्यों थी? आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन? सूत्र ये क्यों कह रहे हैं कि स्थानीय भाजपाई विधायकों और पदाधिकारियों के कहने पर ये कार्यक्रम अचानक तय किया गया, जिससे कि भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाई जा सके नहीं तो अयोध्या मंडल ही नहीं, पूरे उप्र में भाजपा का सूपड़ा साफ़ होना तय है.
इसे भी पढ़ें- यहीं भाजपाई राजनीति का आरंभ हुआ, यहीं… राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी को लेकर अखिलेश यादव का हमला, कह दी बड़ी बात
अखिलेश यादव ने कहा, भौतिक रूप से भ्रमण कर, उस SIT के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही विवादास्पद सदस्यों और कलंकित छवि के कारण शंकाओं के घेरे में है. आज वहां चेहरा उतरा हुआ क्यों था? आवाज़ को तो जानबूझकर ऊंची करने का प्रयास पूरा था लेकिन आत्मविश्वास शून्य क्यों था?
इसे भी पढ़ें- विकास सिर्फ दावे में, बाकी सब हवे में! 6 सूत्रीय मांगों के लेकर सपा का धरना, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने कहा, इस बार अपने ख़ास लोगों से मिले क्यों नहीं? जनता कह रही है ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ नहीं ‘सोने का सोना, चांदी की चांदी’ करें. चढ़ाए गये पैसों, अनमोल शिलाओं के अलावा बहुमूल्य धातुओं और जेवरों का भी हिसाब देना ही पड़ेगा.

