लखनऊ. योगी सरकार में मंत्री और सुभसपा सुप्रीमो ओपी राजभर लगातार सपा और अखिलेश यादव पर हमलावर हैं. ओपी राजभर ने कहा, अखिलेश जी अगर आपको लगता है कि मैं आपसे या आपके लोडरों की धमकियों से डर जाउंगा तो आप गलतफहमी में हैं. गरीबों, बहुजनों, आम नागरिकों और गैर यादव ओबीसी वर्ग के खिलाफ आपके वोटर पिछले 5 दिन में 5 बड़ी वारदातें कर दिए हैं और आप चाहते हैं कि मैं चुप रहूं, ये नहीं हो सकता है.

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ओपी राजभर ने कहा, मैं पूछता हूं कि क्या यही है आपका पीडीए ? सपा विधायक महाराजी प्रजापति से मारपीट, चंदौली में महिला सपा जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल से मारपीट, रामजन्म राजभर की हत्या, धनराज मौर्य और सूर्या चौहान और अभी लखनऊ में संदीप सिंह की निर्मम हत्या. आपको खूब पता है कि ये सब कांड करने वाले ‘कौन’ लोग हैं? सब आप ही के शागिर्द हैं अखिलेश बाबू! शायद तभी आपकी जुबान इनमें से किसी भी घटना के लिए अब तक नहीं खुली. न घायलों को ढांढस बंधाया, न मृतकों के लिए सांत्वना के स्वर ही फूटे.

आगे ओपी राजभर ने कहा, हर बार ऐसा करके आप हम बहुजनों और गैर यादव पिछड़ा समाज के चित से उतर चुके हैं. क्या इन निर्मम हत्याओं को सुनकर आपका दिल नहीं दुखता? अखलाक की मौत पर तो 45 लाख रुपया और ग्रेटर नोएडा में चार-चार फ्लैट बांट आए थे आप. सोचिए किस हद दर्जे के राजनीतिज्ञ हैं आप. और हां फिर कह देता हूं, लोडरों की धमकी से ओमप्रकाश नहीं डरता है. मैं अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाता था, उठाता हूं और उठाता रहूंगा.

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आगे उन्होंने ये भी कहा कि ये मेरा क्या बिगाड़ लेंगे. हमारे हाथ में हुनर है ‘टेम्पू चलाकर पहले भी दलितों और पिछड़ों के लिए संघर्ष किया है, आगे भी टेम्पू चलाकर संघर्ष करने का माद्दा रखता है ये ओम प्रकाश राजभर…’, मगर सुनिए अखिलेश भाई आप नहीं कर सकते, क्योंकि आप ‘नवाब’ साहब हैं. आपने दर्द नहीं सहा, आपने ठोकरें नहीं सही, किसी सिपाही की गालियां नहीं सुनीं, दारोगा का तमाचा और जलालत नहीं झेली, मारपीट और हत्याओं का दर्द नहीं सहा. इस दर्द को हम ऑटो, टेम्पो, रेहड़ी, खोमचे और गरीब-गुरबा ही समझ सकते हैं और वैसे भी आप ठहरे केवल ‘ट्विटर, एसी और पीसी’ वाले नेता. चलिए, कम से कम इस मुद्दे पर एसी में बैठकर पीसी ही कर दीजिए.