लखनऊ. कार्डियो व स्ट्रोक के मरीजों को तत्काल उच्च कोटि की चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अनूठी पहल की है. पहल के तहत मेडिकल कॉलेजों औऱ सुपर स्पेशयलिटी चिकित्सा संस्थानों के डॉक्टर अब सरकारी अस्पतालों में भी अपनी सेवाएं देंगे. गुरुवार को इस पहल के अंतर्गत प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की ओपीडी का शुभारंभ किया.
इसे भी पढ़ें- योगी जी, छात्रों के दमन के बजाय… TGT-PGT अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज होने पर भड़के चंद्रशेखर, सरकार को सुना दी खरी-खोटी
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कार्डियोलॉजी, स्ट्रोक और न्यूरोलॉजी से जुड़े मरीजों को तत्काल उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और सिविल अस्पताल के बीच समन्वय स्थापित किया गया है. इसके तहत लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सक सिविल अस्पताल में आकर ओपीडी करेंगे और मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएंगे. उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं की कमी को देखते हुए सिविल अस्पताल को उच्चीकृत किया गया है. इस प्रयोग को आगे प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी लागू किया जाएगा. जहां मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल मौजूद हैं, वहां दोनों के बीच समन्वय स्थापित कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मरीजों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा.
इसे भी पढ़ें- शिक्षा के मंदिर में जाति की दीवार! शिक्षिका ने जातिगत अपमान कर छात्र को नहीं दी पुस्तक, कांग्रेस ने भाजपा, पर बोला तीखा हमला
स्वाइन फ्लू को लेकर पैनिक की जरूरत नहीं
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर लोगों से नही घबराने की अपील की गई है. यदि किसी व्यक्ति को बुखार है तो वह निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करे, मास्क लगाए और आइसोलेशन में रहे. चिकित्सा विभाग की टीमें लगातार क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति की निगरानी कर रही हैं. लोगों से अपील की गई कि जरूरत पड़ने पर नजदीकी अस्पताल पहुंचकर तत्काल चिकित्सीय सुविधा प्राप्त करें. स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी तरह की पैनिक की आवश्यकता नहीं है.
इसे भी पढ़ें- बचाव में उतरे ससुर! अशोक सिद्धार्थ ने मायावती को लिखा पत्र, कहा- मेरे सन्यास को आकाश की वापसी से न जोड़ें, मेरे दामाद से पहले वो आपके भतीजे
70 वर्ष तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेने की तैयारी
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुभव का लाभ मरीजों को लगातार मिल सके, यह प्रदेश के लोगों की भी इच्छा रही है. इसी उद्देश्य से ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं 70 वर्ष की आयु तक लेने की व्यवस्था की जा रही है. इससे अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता का लाभ अस्पतालों में आने वाले मरीजों को मिलेगा. साथ ही चिकित्सकों के अनुभव का बेहतर उपयोग हो सकेगा. सरकार मरीजों और चिकित्सकों, दोनों के हित में समन्वय के साथ इस व्यवस्था को आगे बढ़ा रही है.



