वाराणसी/लखनऊ। वाराणसी में मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) के नाम पर कथित नौकरी दिलाने वाले गिरोह का खुलासा होने के बाद उससे जुड़ी 21 युवतियों को लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र से सुरक्षित बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, युवतियों को नौकरी का झांसा देकर उनसे 30 से 35 हजार रुपये तक जमा कराए गए थे और बाद में उन्हें नेटवर्क मार्केटिंग से नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था।

नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी

जानकारी के मुताबिक, वाराणसी साइबर क्राइम थाना और रोहनिया पुलिस की संयुक्त टीम ने अखरी चौकी क्षेत्र के औढ़े बछांव गांव स्थित एक किराये की बिल्डिंग में संचालित महादेव इंटरप्राइजेज पर छापा मारा। यहां करीब 200 युवक-युवतियां कथित तौर पर नेटवर्क मार्केटिंग की ट्रेनिंग लेते मिले। पुलिस ने इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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पूछताछ में कई युवक-युवतियों ने बताया कि उन्हें कृषि क्षेत्र, ऑफिस और बड़ी कंपनियों में 25 हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी दिलाने का वादा किया गया था। इसके बदले उनसे 30 से 35 हजार रुपये जमा कराए गए। आरोप है कि बाद में उन्हें बताया गया कि जब तक वे अपने नीचे तीन-तीन नए सदस्य नहीं जोड़ेंगे, तब तक न वेतन मिलेगा और न ही जमा की गई रकम वापस होगी।

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इसी बीच वाराणसी में पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही गिरोह से जुड़े लोगों ने करीब 21 युवतियों को देर रात लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र स्थित कुर्सी रोड के बसहा गांव में एक मकान में भेज दिया। रविवार सुबह इनमें से एक युवती ने अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सभी युवतियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला और पूछताछ के बाद उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

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प्राथमिक जांच में सामने आया है कि युवतियों को वाराणसी से शुभ नाम का एक युवक लखनऊ लेकर आया था। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने कितने लोगों से नौकरी के नाम पर धन वसूला है तथा इसके तार किन-किन राज्यों तक फैले हैं। मामले की जांच जारी है।