लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों में छात्राओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों में बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) मशीनें स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं की नियमित स्वास्थ्य जांच कर उनके पोषण स्तर और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित किया जाए।
बुधवार को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान मां-बेटी सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया, मासिक धर्म, पोषण, रजोनिवृत्ति, गर्भावस्था और मातृ स्वास्थ्य को लेकर व्यापक जागरूकता की जरूरत है। उन्होंने छात्राओं का नियमित बीएमआई परीक्षण, हीमोग्लोबिन जांच और अन्य स्वास्थ्य परीक्षण कराने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
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राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण के भी केंद्र बनने चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों से महिला स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष अभियान चलाने, गर्भ संस्कार विषय पर पाठ्यक्रम शुरू करने तथा छात्राओं को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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सम्मेलन में प्रस्तुत स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट के अनुसार 120 छात्राओं की जांच में करीब 45 प्रतिशत छात्राएं एनीमिया से प्रभावित पाई गईं। वहीं 24 प्रतिशत छात्राएं अधिक वजन और 19 प्रतिशत छात्राएं कम वजन की श्रेणी में मिलीं। इन आंकड़ों को गंभीर बताते हुए राज्यपाल ने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और संतुलित आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

