लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार लगातार तेज बनी हुई है. प्रदेश में आज (24 अगस्त 2026) 65 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इनमें 9 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है. लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और 19 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. 92 गांवों की फसलें जलमग्न हो गई हैं, जबकि 26 गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं.
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रविवार को प्रदेश के 53 शहरों में बारिश हुई. राजधानी लखनऊ में शाम के समय करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी. कई सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया और मरीन ड्राइव भी जलमग्न हो गया. कई स्थानों पर जलभराव के कारण वाहन बंद हो गए. इस दौरान पुलिसकर्मी पानी में फंसे लोगों की मदद करते दिखाई दिए.
गाजियाबाद में सड़कें बनीं तालाब, ऑटो पलटा
गाजियाबाद में तेज बारिश के बाद लोनी क्षेत्र की कई सड़कें तालाब में बदल गईं. सड़क पर बने गड्ढे में फंसी ट्रैक्टर-ट्रॉली को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया. वहीं, सवारियों से भरा एक ऑटो पानी से भरी सड़क पर गड्ढे में पलट गया. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत ऑटो में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला. हादसे के बाद एक महिला इतनी डर गई कि वह सड़क पर बैठकर रोने लगी. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है.
19 जिले बाढ़ की चपेट में, 26 गांव बने टापू
लगातार बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियां उफान पर हैं. बाढ़ प्रभावित 19 जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं. 92 गांवों की फसलें पानी में डूब गई हैं, जबकि 26 गांवों का संपर्क दूसरे इलाकों से कट गया है. इन गांवों को जोड़ने वाली सड़कें जलमग्न होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में नावों और मोटर बोट के जरिए राहत सामग्री पहुंचा रहा है.
झांसी का पारीछा बांध ओवरफ्लो, सरयू खतरे के निशान के ऊपर
झांसी में बेतवा नदी पर बना पारीछा बांध इस मानसून सीजन में पहली बार ओवरफ्लो हो गया है. 140 साल पुराने बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं. वहीं, बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. संतकबीर नगर के 20 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. यहां 9 सरकारी स्कूलों में भी पानी भर गया है. प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं.
प्रयागराज में सड़क पर अंतिम संस्कार, उन्नाव में बड़ा हादसा टला
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने से दारागंज घाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं. वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को सड़क पर अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है. कानपुर के निचले इलाकों में पांडु नदी का पानी घुसने से करीब 2 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. वाराणसी के अस्सी घाट पर आयोजित होने वाले ‘सुबह-ए-बनारस’ कार्यक्रम का मंच भी पानी में डूब गया है.
उन्नाव के गंगाघाट में गंगा स्नान के दौरान दो बच्चियां डूबने लगीं. उन्हें बचाने के लिए पिता ने नदी में छलांग लगाई, लेकिन वह भी डूबने लगे. मौके पर मौजूद एक पंडा ने तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
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लखनऊ मौसम विभाग के अनुसार, मानसूनी सिस्टम के उत्तर की ओर सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवाएं आने के कारण आज और सोमवार को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी. 25 अगस्त से पश्चिमी हवाएं मजबूत होने पर पश्चिमी और मध्य यूपी में भारी बारिश की संभावना कम हो सकती है, जबकि पूर्वी यूपी में बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं.

