12 अगस्त से जनसंपर्क अभियान के बाद 20 अगस्त को चौरी चौरा से साइकिल यात्रा शुरू होगी, जो 2 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचेगी।

सतीश सिंह, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा, रोजगार और सरकारी भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं ने ‘जस्टिस मोर्चा’ के गठन का ऐलान किया है। सोमवार को लखनऊ प्रेस क्लब में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोर्चे की घोषणा करते हुए प्रदेशभर में अभियान चलाने की जानकारी दी गई।

मोर्चे का कहना है कि युवा शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, नियुक्तियों में देरी और सीमित रोजगार अवसरों को लेकर असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच व्यापक संवाद अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।

12 अगस्त से अभियान

जस्टिस मोर्चा के अनुसार 12 अगस्त से जनसंपर्क अभियान शुरू होगा। इसके बाद 20 अगस्त को गोरखपुर के चौरी चौरा से साइकिल यात्रा निकाली जाएगी, जिसका समापन 2 अक्टूबर को लखनऊ में होगा।

आयोजकों के मुताबिक करीब 50 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में विद्यार्थियों, बेरोजगार युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक समूहों से संवाद किया जाएगा। इस दौरान शिक्षा और रोजगार से जुड़े स्थानीय मुद्दों को सामने लाने की कोशिश होगी।

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800 संस्थानों में संवाद

मोर्चे ने बताया कि अभियान के दौरान 800 से अधिक कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में छात्र-युवा बैठकें, नुक्कड़ सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।

10 प्रमुख मांगें

जस्टिस मोर्चा ने सरकारी भर्तियों को लेकर वार्षिक भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी करने और स्वीकृत रिक्त पदों को भरने की मांग की है। लंबित भर्तियों को तय समयसीमा में पूरा करने तथा परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई है।

मोर्चे ने नॉर्मलाइजेशन खत्म करने और अभ्यर्थियों को विस्तृत स्कोर कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 वापस लेने, एनटीए समाप्त करने, संविदा और ठेका प्रथा पर रोक लगाने तथा समान काम के लिए समान वेतन की मांग उठाई गई है।

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निजी विद्यालयों की फीस की अधिकतम सीमा तय करने, पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्रों और शिक्षकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा शोधार्थियों के लिए समान फेलोशिप सुनिश्चित करने की मांग भी मोर्चे की सूची में शामिल है।

मोर्चे ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच लगातार संवाद किया जाएगा और अभियान को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने का प्रयास होगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु, अर्पिता, गोविंद, देवेश, प्रियेश, मृत्युंजय, विशाल, विवेक, बृजेश, अवनीश, महेंद्र, सूफी, राघव, सत्यम और नीरज समेत अन्य लोग मौजूद रहे।