कैथल जिले के गांव पाई में आयोजित 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए आमजन से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का आह्वान किया।
राकेश कथूरिया, कैथल। 77वें वन महोत्सव के अवसर पर गांव पाई में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा पौधा रोपित करके किया गया।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण
इस दौरान करनाल में आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
प्रकृति के प्रति दायित्व का पर्व
जिला स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री राजेश नागर ने कहा कि यह केवल पौधारोपण का अवसर नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपने दायित्व को स्मरण करने का पर्व है। स्वस्थ, समृद्ध और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 में देश में वन महोत्सव की शुरुआत हुई थी और आज यह पर्यावरण संरक्षण का जन-आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान मातृत्व और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है तथा हरियाणा में इसे व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है।
1.40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, वायु प्रदूषण, जल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है, जिनसे निपटने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान मानसून सीजन में प्रदेशभर में 1.40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान में वन विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों तथा आमजन की भी भागीदारी रहेगी।
राजेश नागर ने कहा कि पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे एक विशाल वृक्ष बनाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने 75 वर्ष से अधिक आयु के पेड़ों के संरक्षण के लिए ‘प्राण वायु देवता पेंशन योजना’ लागू की है, जिसके तहत पुराने पेड़ों की देखभाल करने वालों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।


