Bihar Crime: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी विभाग ने आज बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी टीम ने तिरहुत प्रमंडल के अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. अजय कुमार को 40 हजार रुपए का घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विभाग की इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है।

स्वास्थ्य महिला कर्मी के पति ने की थी शिकायत

दरअसल शिकायतकर्ता की पत्नी जो स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं, मौजूदा समय में उनकी तैनाती मुजफ्फरपुर में हैं। महिला स्वास्थ्य कर्मी उसी स्थान पर अपनी सेवा को बनाए रखना चाहती थीं। आरोप है कि इस संबंध में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बदले अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. अजय कुमार ने 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। महिला कर्मी के पति ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग में की थी, जिसके बाद टीम ने जब मामले का सत्यापन किया तो जांच में लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद टीम ने जाल बिछाते हुए इस कार्रवाई का अंजाम दिया।

निगरानी टीम ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार

बातचीत के बाद 50 हजार की बजाय 40 हजार पर बात तय हुई। इस बीच आज बुधवार की सुबह जैसे ही डॉ. अजय कुमार अपने आवास स्थित एक चाय की दुकान पर रिश्वत का 40 हजार लेने पहुंचे। उसी दौरान वहां पहले से ही मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। अपनी गिरफ्तारी देख उनके होश उड़ गए।

संपत्ति और बैंक खातों की भी हो सकती है जांच

इस अभियान का नेतृत्व निगरानी विभाग की डीएसपी रीता सिन्हा कर रही थीं। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपी अधिकारी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है, जल्द ही उन्हें विशेष अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। विभाग का कहना है कि जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार अधिकारी की संपत्ति, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी जांच हो जा सकती है।

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