आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित विजाग स्टील प्लांट में हुए दर्दनाक विस्फोट के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है। हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों को आर्थिक सहायता के साथ रोजगार और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार को बताया कि दुर्घटना में मृत नियमित कर्मचारियों के परिवारों को कुल 1.72 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, संविदा कर्मचारियों के आश्रितों को 45.75 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त सभी मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये की विशेष राहत राशि भी प्रदान की जाएगी।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रत्येक मृतक कर्मचारी के परिवार से एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, जबकि उनके इलाज का पूरा खर्च राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) वहन करेगा।

हादसे की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित

राज्य मंत्री भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। समिति सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर आवश्यक सुझाव देगी।

केंद्रीय इस्पात मंत्री का बड़ा ऐलान

केंद्रीय इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने भी मृत कर्मचारियों के परिवारों के लिए 25-25 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह लाभ नियमित और संविदा दोनों श्रेणियों के कर्मचारियों के परिवारों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और उनके बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी उठाई जाएगी।

प्रधानमंत्री राहत कोष से भी मिलेगी सहायता

कुमारस्वामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

आठ कर्मचारियों की मौत, कई घायल

सोमवार शाम स्टील मेल्ट शॉप-1 में पिघले हुए इस्पात की ढलाई के दौरान अचानक विस्फोट और आग लगने से आठ कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, तीन घायल कर्मचारियों की स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। वहीं, दो कर्मचारी 95 से 100 प्रतिशत तक झुलस गए हैं, जबकि एक अन्य लगभग 15 प्रतिशत तक घायल हुआ है। गंभीर रूप से झुलसे एक कर्मचारी की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। यह हादसा देश के प्रमुख इस्पात संयंत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर गया है। अब जांच समिति की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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