Bihar News: बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सोनबरसा प्रखंड स्थित हनुमान नगर गांव स्थित एक पोखर से भारी संख्या में वोटर आईडी कार्ड तैरते हुए मिला है। बड़ी संख्या में वोटर आईडी मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि बच्चे वोटर आईडी कार्ड को ताश के पत्ते समझकर उससे खेलने लगे और कुछ अपने घर लेकर चल गए।

पोखर में कैसे पहुंचे वोटर आईडी?

जब ग्रामीणों की नजर इसपर पड़ी तो उन्होंने पाया कि यह तो वोटर आईडी कार्ड है। गांव में पोखर से वोटर आईडी मिलने की बात तेजी से फैल गई। लोग वोटर कार्ड से अपने-अपने घरों में रखे वोटर कार्ड की जांच करने लगे। हालांकि ज्यादातर लोगों के कार्ड उनके घर में सुरक्षित थे। ऐसे में अब सबसे बड़ा और अहम सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने सारे वोटर आईडी कार्ड पोखर में पहुंचे कैसे?

BDO मृत्युंजय कुमार का बयान

स्थानीय युवक नासिर ने इस पूरे मामले की जानकारी सोनबरसा प्रखंड विकास पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार को व्हाट्सएप के जरिए दी। वहीं गांव के अन्य लोगों ने भी प्रशासन को तलाब से वोटर आईडी कार्ड मिलने की सूचना दी। मामले को लेकर बीडीओ मृत्युंजय कुमार ने बताया कि, उन्हें तलाब से बड़ी संख्या में वोटर आईडी कार्ड के मिलने की सूचना मिली है । उन्होंने सभी कार्ड प्रखंड कार्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्ड मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर टीम गठित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एसआईआर में काटे गए थे नाम

गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर महीने में बिहार विधानसभा का चुनाव हुआ था। चुनाव से पहले राज्य में निर्वाचन आयोग ने एसआईआर कराया था। इस दौरान बड़ी संख्या में वोटरों (डुप्लीकेट या फर्जी) के नाम काटे गए थे। एसआईआर को लेकर राज्य में काफी सियासत भी देखने को मिला था। विपक्ष का कहना था की एसआईआर के जरिए उनके वोटरों का नाम काटा जा रहा है। वहीं, ऐसे में पोखर से बड़ी संख्या में वोटर आईडी कार्ड मिलने की सूचना चुनाव आयोग और चुनाव प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करती है।

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