निशांत राजपूत, सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में उस समय सनसनी फैल गई, जब जीपीसी (GPS) और कैमरा लगा गिद्ध मिला। आनन-फानन में वन विभाग को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही वन कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। आइए जानते है आखिर पूरा मामला क्या है…
सिवनी के कुरई विकासखंड के ग्राम परतापुर में उस समय हड़कंप मच गया। जब गांव में एक विशाल गिद्ध आकर अचानक बैठ गया। गिद्ध के पंखों में जीपीएस ट्रैकर और कैमरा लगा देखकर ग्रामीण हैरत में पड़ गए और पूरे गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे अमले की जांच में पता चला कि यह गिद्ध महाराष्ट्र से उड़कर यहां पहुंचा है और पिछले एक दिन से लापता था।
ये भी पढ़ें: सतपुड़ा-मेलघाट टाइगर कॉरिडोर को लेकर हाईकोर्ट सख्त: NHAI के निर्माण पर रोक, कहा- बाघों का अपना GPS होता है, NTCA के अफसरों को हाजिर होने के निर्देश
गांव के बच्चों ने इसे सबसे पहले देखा, जिसके बाद ग्रामीणों ने पूरे दिन उसकी देखरेख कर उसे सुरक्षित रखा। सूचना मिलने पर महाराष्ट्र से पहुंची वन विभाग की संयुक्त टीम ने गिद्ध का सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू टीम के मुताबिक, इस देशी मादा गिद्ध को गिद्ध पुनर्वास प्रोग्राम के तहत 11 दिसंबर को महाराष्ट्र राज्य वन विभाग ने पेंच टाइगर रिजर्व के जंगल क्षेत्र में छोड़ा था, जो भटककर परतापुर पहुंच गया। रेस्क्यू के बाद अब गिद्ध को वापस महाराष्ट्र ले जाया गया है।

