Automobile Desk: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में नई कार खरीदने का निर्णय केवल अपनी मनपसंद गाड़ी चुनने तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह सही समय के चुनाव पर भी निर्भर करता है। सही मौके पर ली गई कार न केवल जेब पर भारी पड़ने से बचाती है, बल्कि कई तरह के अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी दिलाती है। आमतौर पर कार खरीदारों के सामने तीन सबसे बड़े मौके आते हैं- महीने के आखिरी दिन, त्योहारों का सीजन और साल का अंत। इन तीनों मौकों की अपनी खासियतें हैं और अपनी प्राथमिकता के हिसाब से सही समय चुनना समझदारी माना जाता है।
महीने के अंतिम दिनों में सौदेबाजी का मौका
अगर आप किसी विशिष्ट मॉडल और उसके वेरिएंट का मन बना चुके हैं, तो किसी भी महीने के आखिरी 5-6 दिन खरीदारी के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इसकी मुख्य वजह शोरूम और सेल्स एग्जीक्यूटिव्स पर बना मंथली सेल्स टारगेट का दबाव होता है। टारगेट पूरा करने की होड़ में डीलर ग्राहक को रोकने के लिए अतिरिक्त कैश डिस्काउंट, मुफ़्त एक्सेसरीज या इंश्योरेंस में राहत देने को तैयार हो जाते हैं।
इस समय खरीदार अपनी शर्तों पर बेहतर नेगोशिएशन (मोलभाव) कर सकते हैं। हालांकि, इस विकल्प के साथ एक सीमा यह भी है कि यदि डीलर पहले ही अपना लक्ष्य हासिल कर चुका है, तो वह ज्यादा छूट देने में दिलचस्पी नहीं दिखाएगा। साथ ही, मनपसंद रंग या वेरिएंट की सीमित उपलब्धता जैसी चुनौती भी सामने आ सकती है।
त्योहारों के मौसम में ऑफर्स की बहार
भारत में नवरात्रि, गणेशोत्सव, दशहरा और दिवाली के दौरान ऑटो सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखने को मिलती है। ऑटोमोबाइल कंपनियां इस दौरान नए मॉडल्स की लॉन्चिंग के साथ-साथ स्पेशल एडिशन गाड़ियां बाजार में उतारती हैं।
फेस्टिव सीजन में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियां कैश डिस्काउंट, आकर्षक फाइनेंस स्कीम, कम ब्याज दर और बड़ा एक्सचेंज बोनस जैसे ऑफर्स पेश करती हैं।
त्योहारों के समय लगभग सभी वेरिएंट्स और रंगों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहता है, जिससे चुनाव का दायरा बढ़ जाता है। हालांकि, अत्यधिक मांग के कारण लोकप्रिय गाड़ियों पर लंबा वेटिंग पीरियड मिल सकता है। इसके अलावा, भारी मांग को देखते हुए डीलर सीधे तौर पर कीमतों में बहुत ज्यादा कटौती करने के बजाय एक्सेसरीज या इंश्योरेंस पैकेज के रूप में ही फायदे ज्यादा देते हैं।
साल के अंत (दिसंबर) में सबसे बड़ी बचत का गणित
यदि कार खरीदने के पीछे आपका मुख्य मकसद सिर्फ और सिर्फ अधिकतम पैसे बचाना है, तो दिसंबर का महीना सबसे मुफीद माना जाता है। साल के आखिरी महीने में कार निर्माताओं और शोरूम मालिकों के सामने पुराने साल का इन्वेंट्री (स्टॉक) खाली करने की सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसके साथ ही कंपनियां अपने सालाना बिक्री के आंकड़ों को बेहतर करने के लिए भारी-भरकम डिस्काउंट स्कीम्स लागू करती हैं।
दिसंबर के दौरान मिलने वाले ऑफर्स अक्सर पूरे साल के मुकाबले सबसे बड़े होते हैं। लेकिन इस समय कार खरीदने का एक व्यावहारिक पहलू यह भी है कि गाड़ी के रजिस्ट्रेशन कागजातों पर मैन्युफैक्चरिंग ईयर पुराना दर्ज होता है। यदि आप कार को अगले 3 से 4 वर्षों में बेचने का इरादा रखते हैं, तो रीसेल वैल्यू पर इसका थोड़ा नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, अगर आपका प्लान गाड़ी को 7 से 10 साल तक चलाने का है, तो दिसंबर में मिलने वाली छूट आपके लिए सबसे बड़ा फायदा साबित हो सकती है।
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