Automobile Desk: मानसून का मौसम जितना खुशनुमा होता है, वाहन चालकों के लिए उतनी ही नई परेशानियां लेकर आता है। भारी बारिश और सड़कों पर जलभराव के कारण अक्सर कार बंद होने या स्टार्ट न होने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग घबराकर तुरंत मैकेनिक को फोन घुमाते हैं या कार को टो करवा देते हैं।
हालांकि, हर बार खराबी इतनी बड़ी नहीं होती। कई बार बेहद मामूली कारणों से भी बारिश के दौरान गाड़ी स्टार्ट होना बंद हो जाती है, जिन्हें आप खुद जांचकर ठीक कर सकते हैं। अगर आपकी कार भी बारिश के बाद स्टार्ट होने में नखरे दिखा रही है, तो वर्कशॉप जाने से पहले इन 5 आसान स्टेप्स को जरूर फॉलो करें।
बैटरी और टर्मिनल्स पर जमी नमी हटाएं
बारिश के दिनों में हवा में नमी (Humidity) का स्तर बहुत बढ़ जाता है। इसका सबसे पहला असर कार की बैटरी पर पड़ता है। अत्यधिक नमी के कारण बैटरी के टर्मिनल्स पर कार्बन या जंग (Corrosion) जम जाता है, जिससे करंट का फ्लो रुक जाता है।
क्या करें: सबसे पहले चेक करें कि बैटरी के वायर ढीले तो नहीं हैं। अगर टर्मिनल्स पर सफेद या हरे रंग की परत दिख रही है, तो उसे सूखे सूती कपड़े या रेगमार (Sandpaper) से साफ करें और तारों को दोबारा कसकर लगाएँ।
स्पार्क प्लग की जांच और सफाई (पेट्रोल गाड़ियां)
पेट्रोल इंजन को स्टार्ट करने के लिए स्पार्क प्लग से सही स्पार्क (स्पार्किंग) मिलना बेहद जरूरी है। बारिश का पानी या नमी कई बार स्पार्क प्लग के कैप और प्लग तक पहुँच जाती है, जिससे मिसफायरिंग होती है और इंजन स्टार्ट नहीं हो पाता।
क्या करें: अगर आपको जानकारी है, तो स्पार्क प्लग को निकालकर किसी सूखे कपड़े से पोंछ लें और कुछ देर सूखने दें। उसके बाद वापस लगाकर सेल्फ स्टार्ट करने की कोशिश करें।
एयर फिल्टर को गीला होने से बचाएं
इंजन को सही तरीके से काम करने के लिए हवा की जरूरत होती है। कार का एयर फिल्टर बाहरी हवा को साफ करके इंजन तक पहुंचाता है। जब आप जलभराव वाली सड़क से गुजरते हैं, तो एयर फिल्टर में पानी की छीटें चली जाती हैं। गीला एयर फिल्टर हवा का रास्ता ब्लॉक कर देता है।
क्या करें: एयर फिल्टर बॉक्स खोलकर चेक करें। यदि फिल्टर गीला है, तो उसे निकालकर सुखाएं या जरूरत पड़ने पर नया फिल्टर लगवाएं।
फ्यूज बॉक्स और इलेक्ट्रिकल वायरिंग
आधुनिक कारों में बहुत सारे सेंसर और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट होते हैं। बारिश के दौरान कई बार शॉर्ट सर्किट से बचाने के लिए कार का कोई मुख्य फ्यूज उड़ (Fuse Blow) जाता है।
क्या करें: कार के फ्यूज बॉक्स को खोलकर चेक करें कि स्टार्टर या फ्यूल पंप का फ्यूज सही है या नहीं। यदि कोई फ्यूज जला हुआ दिखे, तो उसे समान एम्पेयर वाले नए फ्यूज से बदल दें। साथ ही ढीली वायरिंग को भी चेक कर लें।
सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी: ‘हाइड्रोलॉक’ का खतरा!
अगर आपकी कार गहरे पानी से गुजरी है या पानी के बीच में ही बंद हो गई थी, तो बार-बार सेल्फ (Start) मारने की गलती बिल्कुल न करें।
ध्यान दें: अगर इंजन के अंदर पानी चला गया है और आपने जबरदस्ती कार स्टार्ट करने की कोशिश की, तो इंजन ‘हाइड्रोलॉक’ (Hydro-lock) हो सकता है। इससे इंजन के पिस्टन टूट सकते हैं और आपको लाखों रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में कार को टो (Tow) कराकर सीधे सर्विस सेंटर ले जाना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
बचाव के आसान टिप्स
मानसून में कार को हमेशा ढकी हुई या शेड वाली सूखी जगह पर पार्क करें।
कार को कभी भी वॉटरप्रूफ कवर से लंबे समय तक न ढकें, इससे अंदर नमी कैद हो जाती है।
हफ़्ते में कम से कम दो बार कार को स्टार्ट करके 5-10 मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि इंजन की गर्मी से नमी सूख जाए।
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