Lalluram Desk. अगर जीवन में अचानक अस्थिरता बढ़ने लगे, मन हर समय अशांत रहे, रिश्तों में तनाव गहराने लगे, बार-बार मूड स्विंग, आत्म विश्वास की कमी, निर्णय लेने में दुविधा, अनिद्रा और थकान जैसी समस्याएं व्यक्ति को घेर लेती है। तो यह ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य और चंद्रमा की कमजोर स्थिति का संकेत हो सकता होता है।

ज्योतिष मान्यता के अनुसार, सूर्य को आत्मा, ऊर्जा, पिता और प्रतिष्ठा का कारक माना है, जबकि चंद्रमा मन, भावनाओं और माता का प्रतिनिधित्व करता है। जब ये दोनों ग्रह कुंडली में अशुभ प्रभाव देते हैं, या कमजोर हो जाते हैं, तब व्यक्ति मानसिक और सामाजिक दोनों स्तर पर परेशानियां महसूस करता है।

कब समझें कि सूर्य कमजोर है

जब व्यक्ति का आत्म विश्वास गिरने लगे। समाज में पहचान न बने। पिता से मतभेद रहें। सरकारी काम बार-बार अटकें, तो यह सूर्य की कमजोरी का संकेत साफ दिखाता है।

चंद्रमा कमजोर होने के संकेत

लगातार मन अशांत रहना। भावनात्मक उतार-चढ़ाव, नींद न आना, चिंता और माता से संबंधों में तनाव चंद्रमा के अशुभ प्रभाव की ओर इशारा करते है।

सूर्य को शांत करने के उपाय

सूर्यदेव की शांति के लिए प्रति दिन सुबह उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करना लाभ कारी जाता है। साथ ही गायत्री मंत्र का नियमित जाप करें । रविवार के दिन व्रत रखना चाहिए और तांबे के बर्तन का दान करना भी शुभ फल देता है।

चंद्रमा को मजबूत करने के उपाय

चंद्रमादेव की शांति के लिए भगवान शिव की आराधना सबसे प्रभावी उपाय में से एक है । सोमवार का व्रत रखें, शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध चढ़ाएं। ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और भावनात्मक संतुलन मजबूत होता है।

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