“One bad chapter doesn’t define your whole story…” एक किताब सा है जीवन जिसमें हर दिन एक नया पृष्ठ और हर अनुभव एक नए अध्याय की तरह जुड़ता जाता है। निश्चित ही इस पुस्तक के कुछ अध्याय दर्द, असफलता और निराशा से भरे होंगे। मगर याद रहे जीवन के बुरे अध्याय आपका सम्पूर्ण व्यक्तित्व नहीं है।
असफलता, बिछोह, भटकाव जीवन की ऐसी कठिन परिस्थितियां हैं, जहां लगता है कि सब कुछ समाप्त हो गया है। मगर सच्चाई यह है कि कठिन क्षण ही हमारे जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक मोड़ बनते हैं। कटु अनुभव हमें मजबूत बनाता है, एक गुरु की तरह सीखता है आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इतिहास और हमारे पूज्य धर्मग्रंथ इस बात के गवाह हैं कि प्रायः सभी महान विभूतियों ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों दंश भोगा है लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने विपरीत समय को अपनी पहचान नहीं बनने दिया। दूसरी दृष्टि से देखा जाए तो जीवन का कठिन दौर, शक्ति का असाधारण स्त्रोत होता है। श्रीभगवद्गीता गीता के श्लोक “क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शश्वच्छान्तिं निगच्छति। कौन्तेय प्रतिजानीहि न मे भक्तः प्रणश्यति॥” जिसका अर्थ है जो व्यक्ति कठिनाइयों के बाद भी सही मार्ग अपनाता है वह शीघ्र ही शांति और सफलता प्राप्त करता है, वह कभी नष्ट नहीं होता।
जीवन में गिरना गलत नहीं है, गलत है गिरकर उठने की कोशिश ना करना। अपने पतन को भूलकर आगे बढ़ने की कोशिश करें न कि अपनी असफलता का नामकरण कर उसका जाप करें। असफलता का एक ही उपयोगहै उसकी मदद से खुद को बेहतर बनाया जा सकता है, जीवन में नई दिशा खोजने और अपने सपनों के करीब जाने में उसका सहारा लिया जा सकता है । यदि जीवन का कोई हिस्सा कठिन है तो निराश मत होइए यह एक बड़ी कथा का अंश है पूरी कहानी नहीं। आपकी असली गाथा अभी लिखी जा रही है आपके अनुभवी कलम से, हिम्मत, विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ। इस किताब में सबसे बेहतरीन अध्याय अभी लिखा जाना शेष है।

संदीप अखिल
सलाहकार संपादक
न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम
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