Dharm Desk – ज्येष्ठ मास के मंगलवार का सनातन धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है. इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. आज 16 जून को इस पावन महीने का सातवां बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. इस दिन मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ता है. वहीं जगह-जगह सुंदरकांड के पाठ का आयोजन होता है. हनुमान भक्तों के लिए यह दिन विशेष फल देने वाला है.

क्यों खास है बड़ा मंगल?

ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान राम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी, एक अन्य कथा के अनुसार इसी दिन हनुमान जी ने भीम का घमंड तोड़ने के लिए वृद्ध वानर का रूप धारण किया था. इसलिए इसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. इस दिन की गई भक्ति से जीवन के संकट दूर होते हैं और मंगल दोष शांत होता है.

सिंदूर और भोग का विशेष महत्व

हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है. इसलिए उन्हें सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है. भोग में बूंदी के लड्डू, कसार, तुलसी दल और मीठा पान चढ़ाएं. मान्यता है कि इससे बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते है.

पाठ और मंत्र से मिलेगा लाभ

इस दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदर कांड का पाठ करना चाहिए. इससे मानसिक शांति मिलती है. जीवन की बाधाएं दूर होती हैं.

क्या करें और क्या न करें?

आज के दिन जरूरतमंदों को भोजन कराना, राहगीरों के लिए पानी या शरबत की व्यवस्था करना अत्यंत पुण्य दायी है. वहीं इस दिन क्रोध, अपमान और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए. बड़ा मंगल केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और आस्था का प्रतीक है, जो जीवन में सुख और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है. आज ओम हनुमते नमः मंत्र का 11 या 21 बार जप करें, सरसों के तेल का दीपक जलाएं और अंत में हनुमान जी के सामने अपनी समस्या मन ही मन कहें… यह उपाय बड़े मंगल की शाम को बेहद चमत्कारी माना गया है.