रायपुर। पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर गृहमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही एक बैठक में इस विषय पर निर्णय लिया था। अब इसे पूरे रायपुर जिले में लागू करेंगे। समूचे जिले की दृष्टिकोण से इस पर विचार किया जा रहा है। सीएम साय जल्द निर्णय लेंगे। बता दें कि स्वतंत्रता दिवस पर राजधानी के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में सीएमव साय ने रायपुर में पुलिस आयुक्त (कमिश्नरेट) प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी, जिसे जल्द लागू किया जाएगा।

पुलिस को सीधे प्रशासनिक अधिकार

पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद कई ऐसे अधिकार जो अब तक जिला प्रशासन के अधीन थे, वह सीधे पुलिस कमिश्नर को सौंपे जाएंगे। सरकार की दलील है कि इसका मकसद अपराध नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय को सुनिश्चित करना है। हालांकि कहा जा रहा है कि शस्त्र लाइसेंस और आबकारी से जुड़े अधिकार इस प्रणाली के दायरे से बाहर रखे गए हैं।

धरना-प्रदर्शन और आयोजनों पर सीधा नियंत्रण

पुलिस कमिश्नरी की नई व्यवस्था के तहत धरना-प्रदर्शन, जुलूस, सार्वजनिक आयोजनों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज होने की उम्मीद है। इससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को सीधे कार्रवाई करने की शक्ति मिलेगी और प्रशासनिक विलंब कम होगा।

पुलिस कमिश्नर को मिलेंगे ये प्रमुख अधिकार

पुलिस कमिश्नरी सिस्टम के तहत पुलिस कमिश्नर को विभिन्न कानूनों के अंतर्गत व्यापक अधिकार प्रदान किए गए हैं—

कैदी अधिनियम, 1900 – विशेष परिस्थितियों में बंदियों को अल्प अवधि के लिए पैरोल पर रिहा करने का अधिकार।
छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम, 2007 – धरना, प्रदर्शन, जुलूस व सभाओं की अनुमति तथा निषेधाज्ञा लागू करने का अधिकार।
विष अधिनियम, 1919 – अवैध जहर भंडारण या बिक्री पर तलाशी वारंट जारी करने की शक्ति।
जेल अधिनियम, 1894 – जेलों की सुरक्षा व्यवस्था व बंदियों से जुड़े मामलों पर कार्रवाई।
अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम, 1956 – देह व्यापार से जुड़े मामलों में छापेमारी व जांच के आदेश।
गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम, 1967 – प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन का अधिकार।
राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 – असामाजिक तत्वों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 – यातायात संचालन, मार्ग निर्धारण और भारी वाहनों पर नियंत्रण।
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), 1980 – सार्वजनिक व्यवस्था या आंतरिक सुरक्षा पर खतरे की स्थिति में निरुद्ध करने का अधिकार।
ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 – जासूसी की आशंका पर संवेदनशील सूचनाओं की जांच।
विस्फोटक अधिनियम, 1884 एवं पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 – विस्फोटक व ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण, परिवहन और उपयोग पर नियंत्रण।