मध्य प्रदेश के शिवपुरी में वकील की हत्या से पूरे प्रदेश के अघिवक्ताओं में आक्रोश है। जगह-जगह विरोध में प्रदर्शन हो रहा है। जबलपुर समेत कई जिलों में वकीलों ने रैली निकाली। वहीं छतरपुर में निर्वस्त्र होकर अपना विरोध जताया।

जबलपुर में रैली निकालकर कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन

कुमार इंदर, जबलपुर। शिवपुरी में अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या से आक्रोश भड़क उठा। जबलपुर के वकील अदालती कामकाज से विरत रहे। उन्होंने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर मध्य प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। अधिवक्ताओं ने दिवंगत अधिवक्ता संजय सक्सेना के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने हत्याकांड में शामिल आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। परिवार के आश्रित को सरकारी नौकरी देने की भी डिमांड की। गुस्साए अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार को एक सप्ताह की मोहलत दी है। मांग पूरी न होने की स्थिति में भोपाल जाकर अनशन और प्रदर्शन की चेतावनी दी है। 

इंदौर में प्रदर्शन, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की मांग

हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के आह्वान पर आज पूरे मध्यप्रदेश में वकील न्यायालयीन कार्य से विरत रहे और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की मांग दोहराई है। शिवपुरी में हुई सनसनीखेज वारदात के बाद प्रदेश का अभिभाषक समुदाय एकजुट हो गया है। राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर के आह्वान पर आज मध्यप्रदेश के सभी जिलों में वकीलों ने न्यायालयीन कार्य का बहिष्कार किया।

इसी कड़ी में इंदौर में जिला कोर्ट और हाईकोर्ट के अधिवक्ता अपने कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं का कहना है कि वे पिछले बीस वर्षों से लगातार एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। लेकिन अब तक सरकार की ओर से केवल आश्वासन ही मिला है। इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष यादव ने कहा कि साल 2012 से अब तक राज्य सरकार द्वारा अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन इसे अमल में नहीं लाया गया।वकीलों का कहना है कि यदि जल्द ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

छतरपुर में निर्वस्त्र हुए वकील

रणधीर परमार, छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में वकीलों ने जमकर हंगामा किया और चक्काजाम प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने के लिए वे बैरिकेट तोड़कर कलेक्ट्रेट में घुस गए। कलेक्ट्रेट बिल्डिंग का दरवाजा भी तोड़ा। इस दौरान कई वकील निर्वस्त्र हो गए। बताया जा रहा है कि एक घंटे तक इंतजार के बाद भी कलेक्टर नहीं आए तो वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने शहर के मेन चौराहे पर जाम लगाया और कलेक्टर मुर्दाबाद के नारे लगाए। डायल 100 को मौके से भगा दिया।

क्या है पूरा मामला?

एडवोकेट संजय सक्सेना रोज की तरह बाइक से करैरा सिविल कोर्ट जा रहे थे, जब सागर ताल/आनंद सागर मंदिर के पास घात लगाए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। वे मौके पर ही मौत के घाट उतर गए। परिजनों का आरोप है कि यह हत्या जमीन विवाद से जुड़ी है। उन्होंने एक पक्ष को केस जीतवाने के बाद विपक्षी ने सुपारी देकर हत्या कराई। परिवार ने चार लोगों के नाम दिए हैं, जिनमें शिक्षक कमलेश शर्मा, उनके सरपंच चाचा सुनील शर्मा आदि शामिल हैं। पुलिस जांच में सुपारी हत्या (10 लाख की, 2 लाख एडवांस) और चुनावी रंजिश का भी एंगल सामने आया है। पुलिस ने रविवार को शॉर्ट एनकाउंटर में तीन शूटरों को गिरफ्तार किया, जिसमें एक आरोपी घायल हुआ। कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।

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