ED raids Vedanta Group: इस वक्त की बड़ी देश के औद्योगिक घराने से आई है। देश की प्रमुख बिजनेश कंपनी वेदांता ग्रुप पर ईडी ने छापा मारा है। ईडी ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ रेड मारी है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम यानी फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) से जुड़े एक मामले में की गई है, जिसकी जांच चल रही है। वेदांता के खिलाफ यह तलाशी सोमवार से ही जारी है। मामले या तलाशी के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कंपनी या ईडी की तरफ से आधिकारिक जवाब का इंतजार है।

वेदांता के खिलाफ तलाशी अभियान तकेंद्रीय एजेंसी ने FEMA एक्ट के तहत इस मल्टीनेशनल माइनिंग कंपनी के खिलाफ जांच के दौरान शुरू की। वेदांता के खिलाफ यह जांच कंपनी अपने सिक्योर्ड लेनदारों से एक बड़े डीमर्जर प्लान के लिए मंजूरी मिलने के लगभग एक महीने बाद शुरू हुई है, जिसके तहत कंपनी को 5 स्वतंत्र कंपनियों में बांटा जाना है।

बता दें कि फेमा अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भारत में विदेशी मुद्रा के लेन-देन पर निगरानी रखना होता है। ईडी FEMA का इस्तेमाल उन मामलों की जांच के लिए करता है जहां उसे संदेह होता है कि किसी व्यक्ति या कंपनी ने विदेशी मुद्रा लेनदेन से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया है।  इसमें अधिकतर ऐसे मामले शामिल होते हैं जैसे अवैध रूप से विदेश में धन हस्तांतरण करना, हवाला, विदेश में अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करना, या विदेशी निवेश से संबंधित नियमों का पालन न करना।


पहले भी विदेशी मुद्रा मामले में आ चुका है वेदांता ग्रुप

बता दें कि वेदांता ग्रुप का नाम पहले भी विदेशी मुद्रा मामलों में नियामक जांच के दायरे में आ चुका है। वर्ष 2004 में प्रवर्तन निदेशालय ने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज और उसके तीन प्रमोटर निदेशकों को एफईआरए और फेमा के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया था और कंपनी तथा उसके निदेशकों पर जुर्माना लगाया था।

सक्ति पावर प्लांट विस्फोट मामले में कई धाराओं में एफआईआर दर्ज

वहीं अप्रैल 2026 में छत्तीसगढ़ के सक्ति में पावर प्लांट में बॉयलर फटने के मामले में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल पर कई धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया था। सक्ती जिला स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में अनिल अग्रवाल के खिलाफ कई धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया है। जबकि पिछले महीने (मई 2026) बुर्ला सिंचाई प्रभाग ने ओडिशा में भेडेन नदी/नहर से बिना अनुमति के पानी निकालने के आरोप में वेदांता एल्युमीनियम पर ₹233.11 करोड़ का जुर्माना लगाया था।

वेदांता ग्रुप किस सेक्टर में कारोबार करता है

वेदांता ग्रुप भारत की सबसे बड़ी प्राथमिक एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है। भारत की कुल जिंक जरूरत का लगभग 81% उत्पादन यही ग्रुप करता है। कंपनी केयर्न इंडिया की मदद से कच्चे तेल का उत्पादन करती है। वेदांता ग्रुप ने भारत में अगले कुछ सालों में लगभग ₹2 लाख करोड़ का भारी निवेश करने की योजना बनाई है।

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