अतीश दीपंकर/ भागलपुर। बेटियों की शादी की चिंता हर माता-पिता को होती है, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती को सेवा के संकल्प में बदलते हुए भागलपुर के कहलगांव स्थित बैजनाथ मोहनलाल रुंगटा स्मृति धर्मशाला में भव्य सामूहिक विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया। यहां हिंदू रीति-रिवाज के साथ 8 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे।
16 वर्षों से जारी है सेवा का संकल्प
इस पुनीत कार्य के मुख्य व्यवस्थापक संदीप रुंगटा (लल्लू भाई) ने बताया कि वे पिछले 16 वर्षों से यह सेवा कर रहे हैं। मात्र एक कन्या के विवाह से शुरू हुआ यह सफर आज समाज के सहयोग से एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने कहा, निर्धन कन्याओं का घर बसाने से जो सुकून मिलता है, वह अतुलनीय है। भविष्य में और अधिक जोड़ों का विवाह कराने का हमारा लक्ष्य है।
विद्वान पंडितों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
विवाह की रस्में पंडित निलेश आचार्य के नेतृत्व में सात विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न कराई गईं। इस अवसर पर जदयू विधायक शुभानंद मुकेश, भाजपा विधायक मुरारी पासवान, पवन मिश्रा सहित दिल्ली और कोलकाता से आए कई प्रतिष्ठित समाजसेवी उपस्थित रहे। अतिथियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया और आयोजकों की इस पहल की सराहना की।
उपहारों से सजाया गया नया संसार
नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी शुरू करने के लिए आवश्यक सामग्री भेंट की गई, जिसमें अलमीरा, पलंग, गद्दा, किचन सेट, कपड़े और गहने शामिल थे।
समाज के लिए एक गहरा संदेश
जहां कुछ लोग रिश्तों में दरार डालने का काम करते हैं, वहीं यह आयोजन उन लोगों के लिए एक बड़ी सीख है। यह महोत्सव दर्शाता है कि यदि समाज एकजुट होकर एक-दूसरे की समस्याओं को समझे, तो निर्धनता कभी किसी बेटी की शादी में बाधा नहीं बनेगी।
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