भागलपुर। बिहार में पूर्ण शराबबंदी को चुनौती दे रहे तस्करों के खिलाफ भागलपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संदिग्ध पेट्रोल टैंकर को जब्त किया है, जिसमें पेट्रोल की जगह 3773 लीटर विदेशी शराब छिपाई गई थी। इस मामले में पुलिस ने मुजफ्फरपुर निवासी दो अंतरराज्यीय तस्करों, मो. इरफान और मो. जावेद को गिरफ्तार किया है।

​फिल्मी अंदाज में पीछा कर पकड़ा गया टैंकर

​वाहन चेकिंग के दौरान जब विक्रमशिला टीओपी के पास पुलिस ने टैंकर को रुकने का इशारा किया, तो ड्राइवर ने रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी। हालांकि, आगे सड़क पर जाम होने के कारण तस्कर भागने में असफल रहे। जब पुलिस ने टैंकर की जांच की, तो उसमें से पेट्रोल की गंध नहीं आ रही थी। संदेह होने पर जब टैंकर को खोलकर देखा गया, तो अंदर शराब के 416 कार्टन लदे मिले।

​कोडरमा से समस्तीपुर तक का था नेटवर्क

​सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि शराब की यह बड़ी खेप झारखंड के कोडरमा घाटी से लाई जा रही थी। तस्करों की योजना इसे समस्तीपुर के दलसिंहसराय में डिलीवर करने की थी। गिरफ्तार आरोपी मो. जावेद का आपराधिक इतिहास रहा है; वह हाल ही में दिल्ली की तिहाड़ जेल से आर्म्स एक्ट के मामले में जमानत पर बाहर आया था। ये दोनों पहले भी बांका और गोपालगंज में शराब तस्करी के आरोप में जेल जा चुके हैं।

​होली को लेकर पुलिस का ऑपरेशन क्लीन

​होली के त्योहार को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में जांच तेज कर दी गई है। पिछले 25 दिनों में कहलगांव, नवगछिया और बाईपास इलाकों से भी लाखों की शराब जब्त की जा चुकी है। उत्पाद विभाग के अनुसार, तस्कर भले ही नए-नए तरीके (जैसे पिकअप में तहखाना या तेल टैंकर) अपना रहे हों, लेकिन तकनीकी जांच और मुस्तैदी से इन्हें लगातार विफल किया जा रहा है।