कुमार उत्तम/ मुजफ्फरपुर। बिहार की माटी ने एक बार फिर देश को एक होनहार प्रशासनिक अधिकारी दिया है। मुजफ्फरपुर के पंकज मार्केट निवासी राघव झुनझुनवाला ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में पूरे भारत में चौथी रैंक (AIR 4) हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। राघव अपने नाना-नानी के घर रहकर पढ़े-बढ़े और आज अपनी मेहनत से सफलता का शिखर छुआ है।
कठिन संघर्ष और अटूट संकल्प
राघव की यह यात्रा चुनौतियों भरी रही। पिता के निधन के बाद उन्होंने नाना-नानी के संरक्षण में शिक्षा प्राप्त की। दिल्ली विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। हालांकि, यूपीएससी में उनकी राह आसान नहीं थी। पहले प्रयास में बीमारी के कारण वे परीक्षा नहीं दे सके और दूसरे प्रयास में असफलता हाथ लगी। लेकिन हार न मानते हुए उन्होंने तीसरे प्रयास में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
समाज सेवा ही बनी सफलता की प्रेरणा
राघव के अनुसार, स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही उनकी रुचि समाज सेवा में थी। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान उन्होंने कई सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। राघव का मानना है कि आईएएस बनकर वे समाज के वंचित वर्गों की मदद और सेवा बेहतर ढंग से कर पाएंगे। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने परिवार, नाना-नानी और इष्ट मित्रों के सहयोग को दिया है।
युवाओं के लिए सफलता का मंत्र
राघव झुनझुनवाला ने भावी उम्मीदवारों को संदेश देते हुए कहा कि यूपीएससी में सफलता का कोई शॉर्टकट या ‘ट्रिक’ नहीं है। इसके लिए केवल और केवल ईमानदारी से की गई मेहनत ही काम आती है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के अलावा उन्हें क्रिकेट देखना, किताबें पढ़ना और संगीत सुनने का शौक है, जो उन्हें मानसिक रूप से संतुलित रखने में मदद करता है।
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