प्रमोद कुमार/कैमूर। बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीर खूब चल रहे हैं। चुनावी रणनीतिकार और ‘जन सुराज’ के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत भभुआ पहुंचे पीके ने कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की और मीडिया से मुखातिब होते हुए कई चौंकाने वाले दावे किए।

​मेरी भविष्यवाणी सच साबित हुई

​प्रशांत किशोर ने याद दिलाया कि उन्होंने चुनाव से पहले ही कह दिया था कि एनडीए की सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा, आज जो हालात हैं, वे मेरी भविष्यवाणी की पुष्टि कर रहे हैं। नीतीश कुमार का राजनीतिक आधार खिसक चुका है और अब उनके पास राज्यसभा जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं दिख रहा।

​वोट के बदले नोट और गिरती साख

​जेडीयू की सीटों पर कटाक्ष करते हुए पीके ने आरोप लगाया कि अगर चुनाव में प्रति वोटर दस हजार रुपये नहीं बांटे जाते, तो जेडीयू 22 सीटें भी नहीं जीत पाती। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस नेता के पास 202 विधायकों का समर्थन हो, उसे बिहार छोड़कर दिल्ली जाने की जरूरत क्यों पड़ रही है? यह नीतीश कुमार की राजनीतिक कमजोरी का सबसे बड़ा प्रमाण है।

​परिवारवाद पर तीखा प्रहार

​नीतीश कुमार अक्सर परिवारवाद के खिलाफ बोलते रहे हैं, लेकिन उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की चर्चाओं पर पीके ने उन्हें जमकर घेरा। उन्होंने कहा, नीतीश कुमार दूसरों को परिवारवाद का पाठ पढ़ाते थे, लेकिन जैसे ही उन्हें अपनी कुर्सी जाती हुई दिखी, उन्होंने अपने बेटे को आगे कर दिया। यही उनकी असली पहचान है। अपनी विरासत बचाने के लिए वे उसी रास्ते पर चल पड़े हैं जिसका उन्होंने जीवन भर विरोध किया।