प्रमोद कुमार/ कैमूर। जिले के रामगढ़ थाना अंतर्गत गोडसरा गांव में सोमवार की रात मोहनिया थाना क्षेत्र के दिया गांव निवासी धर्मेंद्र पासवान की पत्नी रूबी देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए गोडसरा स्थित एक निजी मकान में चल रहे अस्पताल ले गए। परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टर ने जैसे ही महिला को इंजेक्शन (सुई) लगाया, उसकी स्थिति और खराब हो गई और देखते ही देखते महिला ने दम तोड़ दिया।
परिजनों का हंगामा और पुलिसिया कार्रवाई
महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना अध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, भभुआ भेज दिया।
बिना अनुमति के चल रहा था अस्पताल
मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) जिेंद्र कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि अस्पताल पूरी तरह अवैध और फर्जी था, जो बिना किसी सरकारी अनुमति के एक निजी मकान में संचालित किया जा रहा था। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है।
आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए कथित डॉक्टर अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। थाना अध्यक्ष ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में कुकुरमुत्ते की तरह उगे फर्जी क्लीनिकों के खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
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