पटना। बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव स्पष्ट दिखने लगा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार बुधवार को अचानक पटना स्थित जेडीयू (JDU) प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर था। निशांत के स्वागत में न केवल फूल-मालाओं की बौछार हुई, बल्कि महिला कार्यकर्ताओं ने उनकी आरती उतारकर भविष्य के मुख्यमंत्री के रूप में उनका अभिनंदन किया।

​बिहार का CM कैसा हो… नारों से गूंजा दफ्तर

​पार्टी कार्यालय में निशांत कुमार की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया। परिसर ‘बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो’ के नारों से गूंज उठा। करीब 30 मिनट तक वहां रुकने के दौरान निशांत ने कार्यकर्ताओं से आत्मीयता से मुलाकात की। पार्टी नेताओं का मानना है कि निशांत की सादगी और सक्रियता कार्यकर्ताओं को एकजुट कर रही है।

​शिक्षा मंत्री ने बताया ‘स्वाभाविक’ प्रक्रिया

​निशांत के साथ मौजूद बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने इसे एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण दौरा बताया। उन्होंने कहा कि बुधवार को पार्टी दफ्तर में ‘जनता दरबार’ लगता है, जिसमें वे लोगों की समस्याएं सुनने आए थे। जब उनसे निशांत को मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यकर्ताओं की यह भावना पूरी तरह ‘स्वाभाविक’ है।

​सियासी पारी का आगाज और पिता का आशीर्वाद

​बता दें कि निशांत कुमार ने हाल ही में 8 मार्च को जेडीयू की औपचारिक सदस्यता ली है। सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने अपने पिता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री लल्लन सिंह की मौजूदगी में उन्हें पार्टी का हिस्सा बनाया गया था। राजनीति में कदम रखते ही निशांत की इस बढ़ती सक्रियता ने बिहार के सियासी गलियारों में भविष्य के नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज कर दी है।