पटना। राजधानी के चर्चित नीट छात्रा रेप और मौत मामले में मुख्य आरोपी और हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को फिलहाल राहत नहीं मिली है। पटना की पॉक्सो कोर्ट में बुधवार को हुई सुनवाई के बाद मामला कल तक के लिए टाल दिया गया है। सीबीआई (CBI) की टीम कोर्ट में जांच रिपोर्ट और केस से संबंधित चार बंडल दस्तावेज लेकर पहुंची थी, लेकिन जमानत पर फैसला नहीं हो सका।

​CBI की रिपोर्ट और कोर्ट का कड़ा रुख

​पिछली सुनवाई के दौरान पटना पुलिस और सीबीआई दोनों ने ही अदालत में यह कहा था कि उन्हें अब मनीष रंजन की हिरासत की आवश्यकता नहीं है। इस पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया था कि “जब जांच एजेंसियों को आरोपी की जरूरत नहीं है, तो वह अब तक जेल में क्यों बंद है?” इन्ही पेचीदगियों के बीच मनीष रंजन को इस साल की होली जेल की सलाखों के पीछे ही मनानी पड़ी।

​पॉक्सो एक्ट जोड़ने के बाद बढ़ा मामला

​शुरुआत में जब सीबीआई ने केस अपने हाथ में लिया था, तब इसमें पॉक्सो (POCSO) एक्ट शामिल नहीं था। कोर्ट की फटकार और सरकारी नोटिफिकेशन के बाद पिछले सप्ताह ही इस केस में पॉक्सो की धाराएं जोड़ी गई हैं। अब इस पूरे मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में ही चल रही है, जिससे आरोपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

​सबूतों का अभाव और परिजनों का आरोप

​सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को अब तक इस मामले में कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगे हैं। जांच की दिशा वही है जो पटना पुलिस की एसआईटी (SIT) की थी। इसी कारण पीड़ित परिवार और उनके वकील सीबीआई पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। कोर्ट ने भी जांच में पाई गई खामियों पर सख्त नाराजगी जताई है। अब सबकी नजरें कल होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।