कुंदन कुमार, पटना। जदयू के लोकसभा सांसद गिरधारी यादव की लोकसभा सदस्यता को खत्म करने की मांग पार्टी द्वारा की गई है। जदयू सांसद दिलेश्वर कामत ने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा है। बांका सांसद पर पार्टि के विरोध में काम करने का आरोप है।

पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप

दरअसल बांका सांसद गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन ने बीते विधानसभा चुनाव में राजद बेलहर की सीट पर राजद से चुनाव लड़ा था। गिरधारी यादव पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी का सांसद रहते हुए अपने बेटे के पक्ष में चुनाव प्रचार और चुनावी सभा की, जो पार्टी कार्य के विरोध में आता है।

कारण बताओं नोटिस का नहीं दिया जवाब

सांसद दिलेश्वर कामत ने बताया कि, पार्टी द्वारा गिरधारी यादव से कारण बताओ नोटिस जार कर जवाब भी मांगा गया था, लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। इसलिए उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है। ऐसे में अब यह देखने वाली बात होगी की लोकसभा अध्यक्ष इस मामले में क्या कुछ फैसला लेते हैं।

आरोप पर गिरधारी यादव का बयान

वहीं, इस मामले में जब गिरधारी यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, जब स्पीकर मुझसे सवाल करेंगे तो मैं इस पर जवाब दूंगा। मुझे नहीं पता कि दिलेश्वर कामत ने क्या कहा है? गिरधारी यादव ने कहा कि, मेरे पास पार्टी विरोधी किसी भी गतिविधि का ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है।

एसआईआर का भी किया था विरोध

गौरतलब है कि गिरधारी यादव अपने बयान को लेकर उस समय भी चर्चा में आए थे, जब विस चुनाव के दौरान उन्होंने एसआईआर का विरोध किया था। उस समय अपने बयान में उन्होंने कहा था कि, अगर लोकसभा चुनावों के लिए वोटर लिस्ट सही थे तो कुछ ही महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए यह गलत कैसे हो सकते हैं? उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि, क्या मैं गलत मतदाता सूची के आधार पर निर्वाचित हुआ हूं?

राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं गिरधारी यादव

बता दें कि गिरधारी यादव राजनीति के माहिर खिलाड़ी है। वह बिहार विधानसभा और लोकसभा दोनों सदनों में 4-4 बार सदस्य चुने गए हैं। बांका लोकसभा सीट से वह 1997, 2004, 2019 और 2024 में सांसद चुने गए। वहीं, 1997 में कटोरिया से और 2010 व 2015 में बेलहर से विधायक बने। 2024 में बांका सीट से उन्होंने राजद के जयप्रकाश नारायण यादव को बड़े अंतर से हराया था।

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