पटना। ​बिहार के सभी 264 नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आगामी 15 से 20 अप्रैल के बीच इन निकायों में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। विभाग के अपर सचिव मनोज कुमार ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों सह जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

​एक ही दिन में पूरी होगी चुनावी प्रक्रिया

​इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता इसकी गति है। सुबह 8 बजे से प्रक्रिया शुरू होगी जिसमें नामांकन मतदान और परिणाम की घोषणा के बाद निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण भी उसी दिन संपन्न करा लिया जाएगा। जैसे ही नए सदस्य शपथ लेंगे पुरानी समिति स्वतः भंग मान ली जाएगी। बिहार नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम 2026 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

​नामांकन और मतदान के कड़े नियम

​चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने स्पष्ट नियम तय किए हैं:

  • ​नामांकन की सीमा: एक वार्ड पार्षद सशक्त स्थायी समिति के केवल एक ही रिक्त पद के लिए नामांकन दाखिल कर सकेगा। यदि कोई पार्षद एक से अधिक नामांकन करता है, तो न्यूनतम क्रमांक वाली मतपेटिका में किया गया उसका पहला नामांकन ही वैध माना जाएगा।
  • ​बारी-बारी से मतदान: प्रत्येक निर्वाचित वार्ड पार्षद को सभी रिक्तियों के लिए मतदान करने का अधिकार होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि समिति में 7 पद रिक्त हैं तो पार्षद बारी-बारी से सभी 7 पदों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

​पारदर्शिता के लिए विशेष व्यवस्था

​नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी वार्ड पार्षदों को चुनाव की तिथि स्थान और समय की जानकारी कम से कम एक सप्ताह पहले दे दी जाएगी। प्रत्येक रिक्ति के लिए अलग-अलग निर्वाचन होगा और मतपेटिकाओं को क्रमानुसार (1, 2, 3 आदि) चिह्नित किया जाएगा। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर रिक्त पद के लिए सहायक निर्वाची पदाधिकारी नियुक्त करें।
​इस नई व्यवस्था से नगर निकायों के कामकाज में तेजी आने और स्थानीय शासन में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।