Indian Rupee Vs Dollar : भारतीय रुपया सोमवार (6 अप्रैल) को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93 पर मजबूती से खुला, जबकि गुरुवार (2 अप्रैल) को यह 93.10 पर बंद हुआ था. इससे पिछले हफ्ते हुई बढ़त का सिलसिला जारी रहा, जिसे सेंट्रल बैंक द्वारा हाल ही में लागू किए गए उपायों से लगातार समर्थन मिल रहा है.

पिछले हफ़्ते इस करेंसी में 1.8% की तेजी आई थी, जो चार साल में इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त थी. ऐसा तब हुआ जब भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों और कंपनियों के लिए ‘पोजीशन लिमिट’ (लेन-देन की सीमा) तय की. इस कदम का मकसद ऑनशोर और ‘नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड’ (NDF) बाजारों के बीच ‘आर्बिट्रेज’ (कीमतों में अंतर का फायदा उठाने) के मौकों पर रोक लगाना था. यह एक ऐसी प्रक्रिया थी जिसके जरिए बैंक अपनी पोजीशन खत्म कर रहे थे. घरेलू बाजार में डॉलर बेच रहे थे.

बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे 10 अप्रैल तक अपनी ‘एक्सपोजर’ (लेन-देन की स्थिति) को नई सीमाओं के हिसाब से ठीक कर लें. बाजार के जानकारों ने बताया कि जहाँ कई बैंकों ने अपनी पोजीशन पहले ही कम कर ली है. वहीं कुछ अभी भी इस निर्देश का पालन करने की प्रक्रिया में हैं.

एक बैंक के करेंसी ट्रेडर ने कहा, “इससे पूरे हफ्ते रुपये को लगातार समर्थन मिलता रहेगा.” सेंट्रल बैंक ने कंपनियों द्वारा की जाने वाली सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियों पर भी नियम कड़े कर दिए हैं. बैंकों को ग्राहकों को NDF कॉन्ट्रैक्ट देने से रोक दिया है. इस तरह उसने करेंसी को स्थिर करने के अपने इरादे का संकेत दिया है.

इसके साथ ही, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से अपना पैसा निकालना जारी रखा, जिसकी वजह उन्होंने बढ़ती ऊर्जा लागत के आर्थिक असर को लेकर अपनी चिंताएं बताईं. आँकड़ों से पता चला कि मार्च में $12.5 अरब से ज्यादा की निकासी के बाद गुरुवार (2 अप्रैल) को लगभग $1 अरब का और बहिर्प्रवाह (पैसे का बाहर जाना) हुआ.

भारतीय बॉन्ड यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट्स की बढ़त

6 अप्रैल को भारतीय बॉन्ड यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट्स (bps) की बढ़त हुई, जिससे पिछले सत्र में हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो गई. यह हलचल तब हुई जब राज्य सरकारें उम्मीद से कम फंड जुटाने की तैयारी में थीं, जबकि ट्रेडर ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर पैनी नजर रखे हुए थे, जो $100 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रही थीं.

बेंचमार्क 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड 7.1130 प्रतिशत पर ट्रेड कर रहा था, जबकि पिछले सत्र में यह 7.1329 प्रतिशत पर बंद हुआ था. शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण करेंसी और फिक्स्ड-इनकम बाजार बंद रहे. बॉन्ड की कीमतें और यील्ड विपरीत दिशाओं में चलते हैं.