अमरोहा। जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां अंधविश्वास और इलाज में देरी के चलते एक मासूम की जान चली गई। एक किशोर अमित को सांप ने काट लिया, लेकिन परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास का सहारा लिया, जिसके चलते उसको जान से हाथ धोना पड़ा।
झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान
बताया जा रहा है कि परिजनों ने सांप के काटने के बाद किशोर अमित को अस्पताल की जगह गंगाके किनारे ले गए और तकरीबन 12 घंटे तक उसे लहरों में रखा। उनका मानना था कि ऐसा करने पर शरीर से सांप का जहर निकल जाएगा। समय पर इलाज न मिलने के कारण किशोर की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन परिजन उसे तांत्रिकों और झाड़-फूंक के चक्कर में रह गए। जिससे उसकी मौत हो गई।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते परिजन उसे अस्पताल ले जाते तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। लेकिन अंधविश्वास ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास को उजागर कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि तुरंत एंटी-वेनम इलाज से जीवन बचाया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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