रोहतक। हरियाणा के रोहतक में मानवता की मिसाल देखने को मिली, जहां एक जेल वार्डन के अंगदान से कई लोगों को नया जीवन मिलने जा रहा है। PGIMS Rohtak से दिल्ली तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लिवर, पैनक्रियाज और किडनी सुरक्षित पहुंचाए गए।

क्या है पूरा मामला

सोनीपत के ताजपुर तिहाड़ा खुर्द निवासी जेल वार्डन कुलदीप को ब्रेन ट्यूमर था। डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया, जिसके बाद परिवार ने साहसिक फैसला लेते हुए अंगदान की अनुमति दी।

ऐसे बना ग्रीन कॉरिडोर
सोमवार सुबह करीब 4 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ
3 घंटे बाद अंग निकाले गए
लिवर और पैनक्रियाज को AIIMS Delhi भेजा गया
एक किडनी ILBS Delhi पहुंचाई गई
दूसरी किडनी PGIMS Rohtak में ही ट्रांसप्लांट की जाएगी

इस दौरान रोहतक से दिल्ली तक विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, ताकि अंगों को कम समय में सुरक्षित पहुंचाया जा सके। मेडिकल टीम के साथ हरियाणा पुलिस भी लगातार मौजूद रही।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

पूरे ऑपरेशन और ट्रांसपोर्ट के दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिससे समय पर अंग अस्पतालों तक पहुंच सकें।

मानवता की मिसाल

कुलदीप के परिवार के इस फैसले से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलेगा। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अंगदान सबसे बड़ा दान है।